गोपालगंज बिहार सारण 

देखें वीडियो: पुस्तक के बिना ही लिए जा रहे परीक्षा का कैसे किया गया विरोध प्रदर्शन

नीरज कुमार सिंह/गोपालगंज- जिले के बैकुंठपुर प्रखंड परिसर में वृहस्पतिवार को पुस्तक दिए बिना लिए जा रहे परीक्षा का जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। बिहार सरकार जहां गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की बात कर रही है।

वहीं नए सत्र के छः माह बीत जाने के बाद भी वर्ग एक से आठ तक के बच्चों को पाठय पुस्तक नहीं मिलने से नाराज होकर तरूण विकास मंच के कार्यकताओं ने प्रखंड मुख्यालय परिसर स्थित प्रखंड संसाधन केंद्र बैकुण्ठपुर पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया।

क्या था प्रदर्शनकारियों का आरोप

प्रदर्शनकारियों का आरोप था, कि पिछले छः महीने बाद भी सरकारी स्कूलों में बच्चों को पाठ्य पुस्तकों का वितरण नहीं किया जा सका है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ग एक से आठ तक के बच्चों को मुफ्त पाठ्य पुस्तक वितरण करने का प्रावधान है। किन्तु राज्य सरकार की गलत शिक्षा नीति के कारण छात्रों के बीच अब तक किताब का वितरण नहीं किया जा सका है। वहीं बिना पुस्तक बच्चों से छमाही परीक्षा भी ले लिया गया। इसी से नाराज लोगों ने बीआरसी परिसर में बीईओ रामदयाल शर्मा व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।

कार्यालय में नहीं उपस्थित थे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी

बाद में तरूण विकास मंच के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों से प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अवगत कराना चाहा लेकिन कार्यालय में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के नहीं होने से नाराज प्रदर्शनकारियों ने संबधित ज्ञापन बीआरपी संजय कुमार को सौंपा।

क्या है छात्रों की संख्या व कितने छात्रों को मिली पुस्तक

प्रखंड साधन सेवी संजय कुमार ने बताया, कि प्रखंड में वर्ग एक से लेकर आठ तक के छात्र-छात्राओं की कुल संख्या 58694 है।

जिनमें 32% छात्र-छात्राओं को बचे पुराने सत्र के पुस्तक का वितरण पूर्व में ही कर दिया गया है।

प्रखंड साधन सेवी ने प्रदर्शनकारियों को क्या दिया आश्वासन

प्रखंड साधन सेवी (बीआरपी) ने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए कहा, कि पुस्तक के लिए विभाग से बहुत पहले मांग की जा चुकी है। लेकिन पुस्तक नहीं मिलने के कारण परेशानियां उजागर हो रही है।

प्रदर्शन में मनिष कुमार ऋषि, सौरभ दूबे, गोविंद कुमार, बजरंग कुमार, कुन्दन कुमार, विकास सिंह, प्रिस कुमार, रवि कुमार, करण कुमार, अवधेश कुमार, विशाल कुमार, अरमान, विकी सिंह, सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

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