संग्रामपुर:बच्चों को ज्ञान देने के बदले लगवाते है।झारू

संग्रामपुर से राकेश कुमार रोशन की रिपोर्ट

एक और सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक तौर  पर सुधार के दावे किये जा रहे हैं।जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयाँ करती है,जो सरकारी दावे को तार तार करती है।हलांकि शिक्षा के प्रति जागरुकता लाने के लिये सरकार विभिन्न प्रकार की योजनायें चला रही है।जिसमें मध्याह्न भोजन योजना,छात्रवृति,पोशाक राशि साईकिल राशि आदि शामिल है।बावजूद इसके प्रखंड क्षेत्र अन्तर्गत विद्यालयों में सरकारी दावे के ठीक विपरीत शिक्षा व्यवस्था बदहाल है।जिसका जीता जागता उदाहरण मध्य विद्यालय कुमरसार है।जहाँ की स्थिति लेखा ना बही,प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार शर्मा जो कहे वहीं सही वाली है।विदित हो कि इस विद्यालय में 189छात्र एवं190छात्रा कुल379छात्र छात्रायें नामांकित हैं।जिसे पढाने के लिये प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित छः शिक्षक नियुक्त हैं।विद्यालय मे शिक्षा व्यवस्था तो बदहाल है ही छात्र छात्राओं को मिलने वाली सुविधायें भी मुहैया नहींकरायी जाती है।गुरुवार को 10.30बजे विद्यालय में प्रार्थना हो रही थी।10.44बजे तक सभी वर्ग कक्ष मिलाकर 51छात्र छत्रायें उपस्थित थी।रसोईया मध्याह्न भोजन बनाने में लगी थी।

अभिभावकों ने कहा = विद्यालय का जायजा लेते देख अभिभावक राकेश कुमार विद्यालय शिक्षा समिति अध्यक्ष पति राणा यादव आदि ने व्यंगात्मक लहजे में कहा किइस विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज शर्मा के आगे किसी की नहीं चलती है।चाहे जिला शिक्षा पदाधिकारी हों या फिर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी।उक्त अभिभावकों ने बताया कि छात्रवृति एवं पोशाक राशि का वितरण नहीं किया गया है।इसके लिये वरीय पदाधिकारियों से शिकायत भी की।वरीय पदाधिकारियों ने संग्यान भी लिया।लेकिन प्रभारी प्रधानाध्यापक यथावत बने हुए हैं।

छात्र छात्राओं न कहा =अष्टम वर्ग के छात्र आनंद कुमार,शबनम कुमारी ,नेहा कुमार प्रथम वर्ग के राजन,शभम,प्रीति आदि ने बताया कि मध्याह्न भोजन मीनू के अनुसार कभी नही दिया जाता है।मंगलवार एवं बुधवार को मध्याह्न भोजन नहीं बनाया गया।वहीं एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि छात्र छात्राओं नेतो दो दिन की ही बात कही है।महीना में दस दिन से अधिक मध्याह्न भोजन नहीं बनता है।जबकि प्रभारी बढा चढा कर छात्र छात्राओं की उपस्थिति अपने से बनाते हैं।मंगल एवं बुध को भोजन नही बना बावजूद इसके प्रभारी द्वारा कागजी खानापूर्ति कर लिया गया है।

प्रभारी प्रधानाध्यापक ने कहा = प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार शर्मा ने कहा किमध्याह्न भोजन मीनू के अनुसार ही दिया जाता है,रसोईया पुलाव बनाना नहीं जानती है।अन्य लगाये गये आरोप पूर्वाग्रह से ग्रसित एवं निराधार है।

Related posts