छपरा बिहार राजनीति सम्पादकीय सारण 

प्रधानमंत्री की समस्त विकास नीतियों को जनहित में लागू करने व करवाने में रुडी देश के सांसदों में अव्वल: स्वामी अवधेशानंद गिरि

सारण:माननीय प्रधानमंत्री की समस्त नीतियों को जनहित में लागू करने व करवाने में श्री रुडी देश के सांसदों में अव्वल नजर आते है। ये सबका विकास के मूलमंत्र को आत्मसात कर सारण क्षेत्र का विकास कर रहे है। यदि किसी भी क्षेत्र को शुद्ध पेयजल, आवागमन की सुविधा, समुचित विद्युत आपूर्ति और बच्चों के पठन-पाठन के लिए विद्यालय मिल जाय तो वह क्षेत्र न केवल विकसित होता है बल्कि वहां के लोग भी समृद्ध हो जाते है।

शायद इसी बात को ध्यान में रखकर आपके स्थानीय सांसद श्री रुडी विकास को नया आयाम देते हुए अपने सांसद निधि से स्वच्छ पेयजल से वंचितों के लिए पं॰ दीनदयाल उपाध्याय सांसद जलापूर्ति योजना का शुभारंभ किया है। इसका लाभ जनता को मिलेगा तभी जनता फलेगी-फूलेगी और धन-धान्य से समृद्ध होगी। उक्त बातें जूनापीठाधिश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी ने सांसद जलापूर्ति योजना का अमनौर हाता और अमनौर हरनारायण दलित बस्ती में परिभ्रमण के दौरान कही।
परिभ्रमण के दौरान स्थानीय जनता ने उनका स्वागत किया। इस दौरान स्वामी जी ने बच्चों को अठखेलियां करते हुए देखा और प्रसन्नचित मुद्रा में नजर आये। स्वामी जी ने बच्चों को दुलारा भी और उन्हें अपना स्नेह भी दिया। उल्लेखनीय है कि सांसद श्री रुडी ने स्वच्छ पेयजल को जीवन का आधार मानते हुए अपने सांसद निधि से सारण की दलित बस्तियों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए पं॰ दीनदयाल उपाध्याय सांसद जलापूर्ति योजना का शुभारंभ किया और उनकी सक्रियता का ही परिणाम रहा कि बहुत कम समय में हीं इस योजना का कार्य लगभग 5 प्रखण्डों में पूरा हुआ जहां के दलितों, पीड़ितों, शोषितों को शुद्ध पेयजल की सुविधा भी मिलने लगी है।
इस जलापूर्ति योजना से अभिभूत होकर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी श्री रुडी को साधुवाद देते हुए कहा कि सांसद श्री रुडी जात-पात और धर्म से उपर उठकर क्षेत्र का विकास करने में लगे है। राम राज्य की स्थापना तभी हो सकती है जब राजा राम के रूप में समदर्शी और जन आकांक्षाओं को पूरा करने वाला हो। मुझे लगता है कि सारण क्षेत्र की जनता बहुत भाग्यशाली है कि उन्हे एक शिक्षित, कर्मठ और संघर्षशील सांसद का साथ दिया है जो अपने क्षेत्र की जनता को हर सुविधा उपलब्ध करानें के लिए सत्ता छोड़कर वनगमन पसंद करता है लेकिन जनता की आवाज को बुलंद करने से नहीं चुकता। उन्होेंने कहा कि मैने अपने भ्रमण में देखा कि हर लोग से रुडी वैसे हीं मिलते है जैसे भाई-भाई से मिलता है, जैसे बाप अपने बेटों से मिलता हो।

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