बिहार मधेपुरा समस्तीपुर 

मधुबनी:दो दर्जन किसानो ने हेचरी जाने के रास्ते को बांस बल्ल से किया बंद।

मधुबनी से राजकुमार झा की रिपोर्ट:-

लखनौर प्रखंड के दलिहारा चैड़ में लगभग सौ बिगहा के रकवा में अवस्थित गोल्डेन फीश हेचरी विवाद के धेरे में आ गया है। बुधवार को दो दर्जन किसानों ने हेचरी जाने वाली रास्ते को बांस बल्ला लगाकर घेर दिया। इनलोगो ने घेरे गये रास्ते के पास फूस की घर बनाना शुरु कर दिया है और इनका कहना है कि जब तक निदान नही होता गतिरोध जारी रहेगा। किसानो के बिरोध के कारण हेचरी के कार्यालय जाने वाली रास्ते पुरी तरह बंद हो गये है। 

क्या है आरोप -हेचरी के पास मौजूद दीप पुर्वी पंचायत के सरपंच सह किसान संजय कुमार निराला, सूर्य नारायण महतो, हरे राम महतो,जांेगिन्दर पासवान, उपेन्द्र पासवान, राजेन्द्र झा, समेत अन्य लोगो का कहना है कि वर्ष 2013 से ही विवाद है। हेचरी संचालक ने कई किसानो से एग्रीमेंट करके जमीन को अपने कब्जे में लिया। इसी क्रम में लगभग 30 बिगहा जमीन को बिना किसी प्रकार के एग्रीमेंट के ही घेर कर अपने कब्जे में कर लिया है। इनका कहना है कि उसके बाद से आजतक हेचरी वाले न तो जमीन को छोड़ते है और न ही कोई संम्मानजनक बात करते है। थकहार कर निर्णय लिया है कि हेचरी के बीच में बिना एग्रीमेंट के ही घेरे गये जमीन को अपने कब्जे में लेगे। इसी कारण अपनी जमीन पर बांस बल्ला लगाये है।

किसानो के नाम- तुलसियाही गांव निवासी दीप के सरपंच संजय कुमार निराला, सूर्य नारायण महतो, हरे राम महतो, राम चन्द्र महतो, राजा राम महतो, परशराम महतो, देव नारायण महतो, रामेश्वर महतो , नागेश्वर महतो, बासदेव महतो, दुखी महतो, ललित महतो, राम बहादुर महतो, नागेश्वर महतो , बथनाहा गांव के जांेगिन्दर पासवान, उपेन्द्र पासवान, योगेन्द्र पासवान, कछूवी गंाव के राजेन्द्र झा, रामानंद झा, जागेश्वर महतो आदि का कहना था कि हमारी जमीन बिना अनुबंध के घेर कर कब्जे में रख लिया गया है।

हेचरी पर मौजूद प्रबंधक हरेराम यादव ने कहा कि 19 अप्रैल 2013 में भूमि पूजन के एक साल बाद 17 पोखर के साथ हेचरी का काम शुरु हुआ। जमीन के बाबत बताया कि जमीन मालिक किसान और हेचरी मालिक के बीच की बात हमे नही मालूम। 

हेचरी संचालक दैयाखरवैर गांव निवासी रामसेवक सिंह ने मोबाईल पर बताया कि लगभग 97 प्रतिशत जमीन एग्रीमंेट के साथ है। बचे हुए जमीन सहमती पत्र के बाद घेरा गया है। बहुत ही कम रकवे की कुछ जमीन हो सकती है। जो बातचीत से हल करने का प्रयास जारी है। 

सीओ चन्द्रशेखर कुमार ने कहा कि हमारे योगदान के बाद उक्त बातें संज्ञान में नही आई थी। पुरे मामले की जांच कर यथोचित कार्रवाई की जायेगी। 

एसडीओ विमल कुमार मंडल ने कहा कि उन्हे भी सुचना मिली । आवेदन प्राप्त होते ही किसानो के हित में उचित कार्रवाई की जायेगी।

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