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चौसा में पड़ोस युवा सांसद कार्यक्रम

**प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न युवा मंडल से आये 80 प्रतिभागियों को दिया गया प्रशिक्षण

इमदाद आलम 

बिहार न्यूज़ लाइव@चौसा,मधेपुरा

नेहरू युवा केंद्र संगठन मधेपुरा के तत्वावधान में सामाजिक शैक्षणिक कल्याण संघ चौसा के द्वारा प्रखंड सभागार में एक दिवसीय पड़ोस युवा सांसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के सचिव संजय कुमार सुमन ने किया तथा संचालन सुबोध सौरभ ने किया।
मुख्य रूप से यह कार्यक्रम तीन चरणों में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम पूर्व मंत्री नरेंद्र नारायण यादव के द्वारा प्रखंड परिसर में वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दुसरे चरण में सामाजिक शैक्षणिक कल्याण संघ द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ एवं दहेज उन्मूलन अभियान को समर्पित हस्ताक्षर अभियान में पूर्व मंत्री सह विधायक नरेंद्र नारायण यादव,प्रखंड प्रमुख शंभू प्रसाद यादव, प्रखंड विकास पदाधिकारी मो० इरफान अकबर,चौसा थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह, जिला युवा समन्वयक अजय कुमार गुप्ता तथा समस्त प्रखंड कर्मी,आगत अतिथि,बुद्धिजीवीयों, जनप्रतिनिधियों एवं प्रखंड के विभिन्न युवा मंडलों से आये समस्त युवा मंडलों के प्रतिभागियों द्वारा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया गया।
कार्यक्रम के तीसरे चरण में विभिन्न युवा मंडलों से आये 80 प्रतिभागियों को विद्वान वक्ताओं के द्वारा कार्यक्रम के अनुरूप विषय वस्तु से संबंधित प्रशिक्षण देकर मानसिक रूप से उत्प्रेरित किया गया। मोटिवेशन कार्यक्रम में प्रशिक्षकों द्वारा मुख्य रूप से ग्रामीण जीवन में सहभागिता, अंत्योदय के सिद्धांत, महिला पुरूष समानता, सामाजिक न्याय, श्रम की गरिमा, सामुदायिक सेवा, साफ-सफाई, पर्यावरण संतुलन, सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करना, स्व-सहायता, शांति और सौहार्द, सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही, स्थानीय स्व-शासन को सहायता प्रदान करना, भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

पूर्व मंत्री सह विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि हमे आलोचनाओं से बच कर अपने कार्य में लगने चाहिए ताकि हमारा समुचित विकास हो सके।मनुष्य की कथनी और करनी में समानता होनी चाहिए।जो मनुष्य इसे अपने आचरण में उतार लेते हैं, उन्हें कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता है। आज हमारे  समाज एवं परिवार की तरक्की क्षीण होती जा रही है,जिसका कारण है वैमनस्यता।इसे पाटने के लिए परिवार एवं समाज के बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा।समाज से गैर बराबरी,ऊंच नीच,आडंबर,रूढ़ि,आदि को मिटाना होगा,तभी हम मनुष्यता को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने सरकार की योजनाओ पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की हर योजना आमलोगों के लिए हैं लेकिन हम उसका गलत इस्तेमाल करते हैं जो दुखद है।

जिला युवा समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि युवा ही देश के भविष्य हैं। स्वामी विवेकानंद से प्रेरणा लेकर युवाओं को केंद्र एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं में सहभागी होकर गांव में अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना ही युवाओं की मुख्य भूमिका होनी चाहिए।कहा कि आज हमारे  समाज एवं परिवार की तरक्की क्षीण होती जा रही है,जिसका कारण है वैमनस्यता।इसे पाटने के लिए परिवार एवं समाज के बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा।समाज से गैर बराबरी,ऊंच नीच,आडंबर,रूढ़ि,आदि को मिटाना होगा,तभी हम मनुष्यता को प्राप्त कर सकते हैं।उन्होंने सरकार की कई योजना पर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार की हर योजना लाभदायक होती है लेकिन उसका प्रयोग हम गलत तरीके से करते हैं।

थाना अध्यक्ष सुमन कुमार सिंह ने कहा कि एक लड़की हमेशा समाज के लिए आशीर्वाद रही है और इस संसार में जीवन की निरंतरता का कारण है। हम बहुत से त्योहारों पर विभिन्न देवियों की पूजा करते हैं जबकि अपने घरों में रह रही महिलाओं के लिए थोड़ी सी भी दया महसूस नहीं करते। वास्तव में लड़कियाँ समाज का आधार स्तम्भ होती हैं। एक छोटी बच्ची, एक बहुत अच्छी बेटी, बहन, पत्नी, माँ, और भविष्य में और भी अच्छे रिश्तों का आधार बन सकती है। यदि हम उसे जन्म लेने से पहले ही मार देंगे या जन्म लेने के बाद उसकी देखभाल नहीं करेंगे तब हम कैसे भविष्य में एक बेटी, बहन, पत्नी या माँ को प्राप्त कर सकेंगे। क्या हम में से किसी ने कभी सोचा है कि क्या होगा यदि महिला गर्भवती होने, बच्चे पैदा करने या मातृत्व की सभी जिम्मेदारियों को निभाने से इंकार कर दे। क्या आदमी इस तरह की सभी जिम्मेदारियों को अकेला पूरा करने में सक्षम है। यदि नहीं तो लड़कियाँ क्यों मारी जाती हैं ? क्यों उन्हें एक अभिशाप की तरह समझा जाता है, क्यों वो अपने माता-पिता या समाज पर बोझ हैं ? लड़कियों के बारे में बहुत से आश्चर्यजनक सत्य और तथ्य जानने के बाद भी लोगों की आँखें क्यों नहीं खुल रही हैं।उन्होंने माँ पर एक कविता का वाचन भी किया।

संस्था के सचिव संजय कुमार सुमन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना पर चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय समाज में प्राचीन काल से ही बेटी को एक अभिशाप माना जाता रहा है।यदि हम अपने आप सोचें तो एक सवाल उठता हैं कि कैसे एक बेटी अभिशाप हो सकती है? जवाब बहुत ही साफ और तथ्यों से भरा हुआ है कि एक लड़की के बिना, एक लड़का इस संसार में कभी जन्म नहीं ले सकता। तो फिर लोग क्यों महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बहुत सी हिंसा करते हैं? तब फिर वे क्यों एक बालिका को जन्म से पहले माँ के गर्भ में ही मार देना चाहते हैं? लोग क्यों लड़कियों का कार्यस्थलों, स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों या घरों में बलात्कार और यौन शोषण करते हैं? लड़कियों पर क्यों तेजाब से हमला किया जाता है और क्यों वह लड़की आदमी की बहुत सी क्रूरताओं का शिकार है? हमारे देश को आज़ाद हुए आज 70 साल हो गए है पर, हमारे देश में अभी भी बेटीया आज़ाद नहीं है।

संस्था के अध्यक्ष याहिया सिद्दीकी ने कहा कहा कि हमारी संस्था सदा सामाजिक हित को देखते हुए कार्य करती है।संता ने अब तक कई सामाजिक कार्य को अंजाम दिया है।पिछले मानव श्रृंखला में बेहतरीन कार्य करने की बदौलत तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इसे पुरस्कृत किया।उन्होंने कहा कि हमारी संस्था युवाओ को मार्गदर्शन देने का काम करेगी।युवा वर्ग संस्था से जुड़े।

कार्यक्रम में जदयू नेता अबुसालेह सिद्दीकी ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति के कारण भारत की विश्व में एक अलग पहचान है। कार्यक्रम में अजय कुमार खुशबु,कुन्दन घोषईवाला,संघ के कोषाध्यक्ष आशीष कुमार  ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, जन धन योजना, लाडली योजना, नारी शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा वर्तमान में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।

कौशल विकास योजना की जीनत प्रवीण ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने मुख्य कार्य से भटक गया है। उन्हें मार्गदर्शन का घोर अभाव है। संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम कई मायनों में सारगर्भित है।इस कार्यक्रम से सिख लेनी की आवश्यकता है। उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना की जिक्र करते हुये कही कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान” शुरु किया। यह अभियान घरों और समाज में लड़कियों के जीवन को बचाने और उन्हें शिक्षित करने के लिए शुरु किया गया था। हमारे देश में लड़कियों के गिरते लिंग अनुपात ने भविष्य में हमारे सामने नयी चुनौती को रखा है। पृथ्वी पर जीवन की संभावना पुरुष और स्त्री दोनों के कारण है। हालांकि तब क्या होगा जब एक लिंग के अनुपात में निरंतर गिरावट आती रहे।

मौके पर मुख्य रूप से कार्यक्रम प्रभारी श्रवण पासवान,उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, मुखिया पंकज मेहता, मुखिया प्रतिनिधि सुबोध सुमन, उपप्रमुख शशि कुमार दास, राजकिशोर पासावन, विनोद पाटिल, गैनु राय,  डॉ० शशि कुमार यादव, कुँजबिहारी शास्त्री,पत्रकार  राहुल कुमार,कुन्दन घोषईवाला, जबाहर चौधरी,जीनत प्रवीण,सिराजुल नदाफ,राणा प्रताप सिंह,मुकेश मणी,तेजनारायण कुमार, मो० मौजिब,आशीष प्रियदर्शी,शहंशाह कैफ,पंचायत समिति सदस्य मुकेश कुमार,संजय कुमार, अर्जुन राय,देवांशु कुमार देव,एनवाईसी श्रवण कुमार,सेफली कुमारी,प्रेरणा कुमारी आदि समेत सैकड़ों युवा उपस्थित थे।धन्यवाद ज्ञापन कुँजबिहारी शास्त्री ने की। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुआ और स्वागत गीत नीतू कुमारी ने गाकर ए हुए अतिथियों का स्वागत किया।

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