पटना बिहार 

पटना: नक्सलियों को आर्थिक मदद पहुंचाने वालों पर शिकंजा कसेगी सीआरपीएफ ,बड़ा ऑपरेशन जल्द

आदर्श सिंह पटना : देश में हुए नोटबंदी की वजह से नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ था. जंगलों में छिपाकर रखे गए करोड़ों रुपए बर्बाद हो गए थे. आर्थिक रूप से इनकी कमर टूट गई थी. इंटेलिजेंस की अब जो इनपुट है, वो भी चौंकाने वाली है. नक्सली संगठन एक बार फिर से खुद को खड़ा करने में जुटे हैं. आर्थिक रूप से खुद को मजूबत करने में जुटे हैं. लेवी और रंगदारी के अलावे भी कई ऐसे लोग हैं, जो नक्सलियों को आर्थिक रूप से मदद कर रहे हैं.
अब सीआरपीएफ ऐसे ही लोगों के उपर अपना शिकंजा कसने की तैयारी में है. इसलिए बिहार सेक्टर के आईजी एमएस भाटिया ने नक्सलियों को आर्थिक मदद करने वालों की पहचान करने कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है. जल्द ही बिहार—झारखंड के बॉर्डर इलाकों में सीआरपीएफ एक बड़ा आॅपरेशन चलाने वाली है. इस आॅपरेशन के दौरान जंगलों के बीच नक्सलियों के बने सेफ जोन रडार पर होंगे.
हालांकि आॅपरेशन चलाने से पहले अपने इंटेलिजेंस को और भी मजबूत करने का आदेश आईजी ने सीआरपीएफ और कोबरा के सभी कमांडेंट और सीनियर अधिकारियों को दिया है. दरअसल, शुक्रवार को पटना स्थित सीआरपीएफ के सेक्टर हेडक्वार्टर में एक कांफ्रेंस का आयोजन किया गया था.
नहीं जमने चाहिए नक्सलियो के पांव
पिछले कुछ समय में सीआरपीएफ की ओर से कई आॅपरेशन चलाए गए. जिसमें कई नक्सली कमांडरों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जबकि मुठभेड़ के दौरान कई नक्सली मारे भी गए हैं. लगातार आॅपरेशन चलाए जाने की वजह से नक्सली संगठन कमजोर हुए हैं. आईजी एमएस भाटिया ने एक बात साफ कर दिया है. उन्होंने सारे कमांडेंट और अधिकारियों से कह दिया है कि किसी भी हाल में फिर से नक्सलियों के पांव नहीं जमने चाहिए. पहाड़ी और जंगली इलाकों में इनके हर एक मूवमेंट पर कड़ी नजर रखने को कहा गया है. बिहार—झारखंड के बॉर्डर इलाकों में खास एहतियात बरतने का आदेश दिया गया है.
दोहराई न जाए 2 जनवरी की वारदात
गया—औरंगाबाद जिले के बॉर्डर पर 2 जनवरी को घात लगाए नक्सलियों ने कोबरा बटालियन पर अचानक से हमला कर दिया था. जिसमें जवाबी कार्रवाई के दौरान 205 कोबरा बटालियन का जवान आशिष पात्रा शहीद हो गए थे. इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से लिया गया है. कांफ्रेंस के दौरान आईजी ने साफ हिदायत दी है कि इस तरह की वारदातें कभी भी दोहराई न जाएं, इस बात का पूरा ख्याल रखना होगा. ज्यादा से ज्यादा नक्सलियों का नुकसान होना चाहिए.
टॉपर बनी 159वीं बटालियन
बिहार में सीआरपीएफ की 4 और कोबरा की 2 बटालियन है. नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे आॅपरेशन में सभी शामिल हैं. गया में 159वीं बटालियन ने मोर्चा संभाल रखा है. आईजी ने सबसे बेस्ट आॅपरेशनल बटालियन का अवार्ड 159वीं बटालियन को सौंपा है. मौके पर ही 2016—17 में बेस्ट परफॉर्मेंस देने वाले 153 बटालियन के सेकेंड कमान अधिकारी एसडी त्रिपाठी, डिप्टी कमांडेंट ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, असिस्टेंड कमांडेंट वाईडी सिंह, संजय कुमार, 159वीं बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट सुजीत कुमार, अंकित कुमार गुप्ता, 205 कोबरा बटालियन के विजय कुमार ठाकुर और आशुतोष कुमार को सम्मानित किया गया. इन सभी को आईजी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.

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