बेगूसराय: चलकी पशु उप स्वास्थ्य केन्द्र बना खंडहर, तीन दशक से उद्धारक की बाट जोह रहा पशु उप स्वास्थ्य केंद्र। विधानसभा चुनाव का बनेगा अहम मुद्दा

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बेगूसराय: विधानसभा चुनाव में तमाम राजनीतिक दलों के पार्टियां क्षेत्र के विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए इसकी तैयारियों में जी जान से जुट गये हैं.परंतु दौलतपुर पंचायत के चलकी गांव स्थित पशु उप स्वास्थ्य केन्द्र तकरीबन तीन दशक से उद्धारक की बाट जोह रहा है.छौड़ाही एवं खोदावंदपुर प्रखंड के सीमावर्ती पर अवस्थित पशु उप स्वास्थ्य केन्द्र चुनाव के समय लोकलुभावन वादे कर कई जनप्रतिनिधि जीते, लेकिन आजतक इसका जीर्णोद्धार नहीं हो सका. जिसके चलते आस-पास के पशुपालकों अपने पालतू पशुओं को प्राईवेट पशु चिकित्सक से मंहगेें ईलाज कराने को विवश हैं.दोनों प्रखंडों की सीमा पर अवस्थित पशु उप स्वास्थ्य केंद्र जनप्रतिनिधियों की उदासीनता की भेंट चढ़ गयी.जिसका खामियाजा क्षेत्र के पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है.

बताते चलें कि यह पशु उप स्वास्थ्य केंद्र भूत बंगले में तब्दील हो चुका है. उप स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर तथा छत को घने जंगलों ने अपने आगोश में ले लिया है. घना जंगल तथा जर्जर भवन का काला रूप इस कदर भयावह दिख रहा है कि दिन में भी लोग यहां जाने से कतराते हैं.इधर विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही इसके जीर्णोद्धार का मुद्दा अहम चुनावी मुद्दा बनकर सामने आ चुका है.चुनाव जीतने के बाद वापस लौट कर नहीं आने वाले नेताओं तथा उनके झूठे आश्वासन से आजिज होकर प्रत्याशियों को सबक सिखाने का मन मतदाताओं ने बना लिया है.

स्थानीय पशुपालक बाबू प्रसाद यादव, रामकृष्ण पोद्दार, रामबाबू कुमार, पंकज चौधरी, बुलीत यादव, शिवजी महतो, कैलाश महतो, संजय पासवान, सुरेश महतो, जय जयराम महतो, महावीर महतो, शंकर वर्मा, रंजीत पासवान सहित अन्य लोगों ने बताया कि तीस वर्ष पूर्व दौलतपुर पंचायत के चलकी गांव में पशु उप स्वास्थ्य केंद्र खोला गया था,जो छौड़ाही प्रखंड से भोजा उप स्वास्थ्य केंद्र के नाम से संचालित किया जाता था. इससे भोजा, शाहपुर, चलकी, तेतराही, गोसाईमठ, पतला, मिल्की समेत विभिन्न गांवों के पशुपालकों ने पशुओं में गंभीर बीमारी होने पर ईलाज कराने आते थे,

लेकिन पशु चिकित्सक के अवकाश प्राप्त होने के बाद पशु उप स्वास्थ्य केंद्र मृतप्राय बना हुआ है. पशु उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से मजबूरन किसान प्राइवेट पशु चिकित्सकों से पशुओं में होने वाले गंभीर बीमारी का ईलाज कराने को विवश हैं.पशुपालकों का कहना हैै कि तब से आजतक लोकसभा व विधानसभा चुनाव जीतकर कितने जनप्रतिनिधि आये और गये. लेकिन जीतने के बाद कोई वापस भेंट करने तक नहीं आये.अब इस विधानसभा चुनाव में मुद्दा बनाकर वोट मांगने वाले प्रत्याशियों से इस समस्याओं के बारे में अवश्य पूछेंगे.

कहते हैं अधिकारी-

उप स्वास्थ्य केंद्र चलकी छौड़ाही प्रखंड से भोजा उप स्वास्थ्य केंद्र के नाम से संचालित किया जाता था. वर्षों पूूूर्व से भवन जर्जर है. तथा तत्कालीन पशु चिकित्सक भी सेवानिवृत्त हो गये थे.इसके बारे में विस्तृत जानकारी छौड़ाही प्रखंड के पशु चिकित्सा पदाधिकारी ही बतायेगें.

डॉ ओमप्रकाश सिंह, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, खोदावंदपुर.

पंकज कुमार झा ब्यूरो प्रमुख बेगूसराय

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