भागलपुर: समाज में आज भी दिख रहा है भेदभाव,बेटे को जन्म नहीं देने के कारण, पत्नी को घर से निकाला, कराया मामला दर्ज

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भागलपुर: हिंसा के सबसे अधिक केस महिलाओं से ही जुड़े होते हैं. जिनका रूप कुछ भी हो सकता है. हालांकि पुरूष प्रधान इस देश में हमेशा महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता रहा है. कमज़ोर, असहाय और अबला समझ कर उसके साथ कभी दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता है. जबकि परिवार में बेटी एक दायित्व के रूप में होती है. इसके बावजूद घर के लड़कों से उसे कमतर समझा जाता है. ऐसा ही एक मामला अकबरनगर थाना क्षेत्र के छोटी श्रीरामपुर कोठी से प्रकाश में आया है.
पीड़ित महिला निशा देवी को बेटा जन्म नही होने के कारण उनके पति मिथिलेश ठाकुर ने मारपीट कर घर से निकाल दिया. पीड़ित महिला ने थाने में आवेदन दे बताया है कि हमने तीन पुत्रियों को जन्म दिया है. बेटा नहीं जन्म होने के कारण मेरे पति एवं सास अक्सर मेरे साथ मारपीट कर प्रताड़ित करते रहते हैं. छठ व्रत करने को लेकर मायके गई थी.
जिसके बाद शानिवार को वहां से अपने भाई के साथ लौट अपने ससुराल आयी. तो मेरे पति मुझे घर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया.जबर्दस्ती घर के अंदर गई तो मुझे खींच कर बाहर निकाल दिया और गाली गलौज करने लगा. मेरे भाई के साथ भी बदतमीजी किया. घर में घुसने पर जान मार देने की धमकी दिया है. उन्होंने अकबरनगर थाना में आवेदन देते हुए न्याय की गुहार लगाई है.

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