भागलपुर: पांच जिला परिषद सदस्यों ने जिलाधिकारी से मिल, जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा मनमाने ढंग से कार्य कराये जाने को लेकर सौंपा ज्ञापन

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मोहित कुमार की रिपोर्ट
भागलपुर: सोमवार को पांच जिला परिषद सदस्य 10 जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र प्रीति कुमारी,21 जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र पूर्वी गोराडीह,17 जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र दक्षिणी जगदीशपुर,उत्तरी जगदीशपुर जिप सदस्य शिव कुमार और सनहौला पश्चिमी माला देवी ने जिलाधिकारी से मिल जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा जिला परिषद में मनमानी ढंग से कार्य करने को लेकर ज्ञापन सौंपा है.

जिसमे बताया गया है कि जिला परिषद अध्यक्ष भागलपुर बिना जिला परिषद के सूचना के बिना विकास कार्य को निपटारा करते हैं. खुद व्यक्तिगत लाभ लेने के लिए जिला परिषद पदाधिकारी एवं कर्मचारी पर दबाव बनाकर अपने स्वार्थ के लिए काम करवा रहे है. जिनमें 10 कार्यों में मनमानी करने का उल्लेख किया गया है. जिसमें पहला उल्लेख में कहा गया है कि अनुदान मद की राशि केवल जिला परिषद अध्यक्ष के लिए आया है या समूचे जिला परिषद क्षेत्र के लिए प्राप्त जानकारी अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष के अनुशंसा कर केवल अपने फायदे के लिए तीन करोड़ रुपए खर्च किये. जिस तरह पंचायत प्रतिनिधियन मद से पूरे जिला परिषद क्षेत्र खर्च हुआ.उसी प्रकार अनुदान मद से भी खर्च होना चाहिये. सभी जिला परिषद सदस्य योजना को शामिल किया जाना चाहिये. दूसरा-आंतरिक संसाधन राशि के सभी राशि जिला परिषद अध्यक्ष केवल अपना योजना दिये.
अन्य जिला परिषद सदस्य का कोई योजना नहीं लिया गया,तीसरा-पंचम वित्त राशि का जिला परिषद सदस्य वार सर्वाधिक किया जाय. पंचम वित्त राशि जिला परिषद अध्यक्ष गलत ढंग से अतिरिक्त राशि का अपने क्षेत्र में काम कराया गया. जबकि जिला परिषद सदस्यों के बीच बराबर राशि आवंटन की बात हुई थी. चौथा-जिला परिषद कार्यालय के आगे शिक्षित बेरोजगार एवं गरीब परिवारों के लिए दुकान निर्माण कराया जा रहा है. आवंटन जो दुकाने किया गया है उसमें जिला परिषद अध्यक्ष का संबंधी के पांच सदस्य रमंजय कुमार साह, डॉ कुमार नीरज, डॉ अंजना भारती, अर्जुन साह,सविता देवी का नाम शामिल है. चयनित 27 दुकानों में 17 आदमी जिला परिषद अध्यक्ष का है.
पांचवा-जिला परिषद अध्यक्ष को भागलपुर में आवास आवंटित है. इसके बावजूद नियम के विरुद्ध खुद के खर्च एवं अपने कमाई के लिए लाखों लाख रुपये दबाव डालकर अधिक राशि का निकासी कर रहे हैं. जिससे सरकार को राजस्व का घाटा हो रहा है. छठा-शाहकुंड प्रखंड में जो 26 दुकानें जो आवंटित किया गया है. वह बिल्कुल अवैध है. पहले पाओ के तर्ज पर जिसका आवेदन पहले आया उसको पहले मिलना चाहिए. अध्यक्ष द्वारा केवल अपने आदमी को जबरदस्ती दुकान दिलाया गया. सातवां-जिला परिषद अध्यक्ष शाहकुंड पहाड़ 10 डिसमिल यानी 6 कट्ठा जमीन लगभग अवैध ढंग से घर का निर्माण करवाया है.
अवैध मकान बनाने का प्रमाण अंचलाधिकारी शाहकुंड जांच कर पत्रक 1043/05-05-2016 के संदर्भ में सदर अनुमंडलधिकारी भागलपुर को दिनांक 13-06-2016 को समर्पित किया है. श्रीमान से आग्रह है पहाड़ अतिक्रमण जमीन को मुक्त कराकर सार्वजनिक कार्य में लाया जाय. पहाड़ तोड़ने की जांच खनन विभाग से कराकर दोषी व्यक्ति पर प्राथमिकी दर्ज करने की कृपा की जाय. जिलाधिकारी को पांचों जिला परिषद सदस्य द्वारा ज्ञापन सौंप निष्पक्ष रुप से जांच कर कार्रवाई करने का मांग किया है.

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