भागलपुर: सुलतानगंज मे भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारी पूरी

आज हर घर मे गूंजेगा नंद के घर आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की

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सुलतानगंज: कृष्णा जन्माष्टमी को लेकर मंदिर, ठाकुरबारी सहित घर मे तैयारी जोर शोर से चल रही है. कृष्णा जन्माष्टमी को लेकर क्षेत्र में खुशी का माहौल है. श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजारों में भी विशेष चहल पहल देखी गयी. श्री कृष्ण के बाल रूप वाली मूर्ति के अलावा साज-सज्जा सामग्री की बिक्री खूब हुई. बाजारों में श्री कृष्ण की तरह तरह की मूर्तियां जैसे अष्टधातु की मूर्ति, काठ का झूला झूलते आदि के साथ पोशाक, मुकुट के अलावा आभूषण, खिलौना, मोर पंख, पंखा आदि लोगों ने खूब खरीदारी की.

कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी जोर शोर से की जा रही है. खासकर मंदिर खुल जाने के बाद कृष्णा जन्माष्टमी की व्यापक तैयारी हो रही है. पंडित शालिग्राम झा ने बताया की शास्त्रानुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास कृष्ण पक्ष को मध्य रात्रिव्यापिनी अष्टमी तिथि,रोहिणी नक्षत्र एवं वृषभ लग्न में हुआ था. लोगो ने बड़े ही धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी पर्व को लेकर कृष्ण मंदिरों को बहुत ही आकर्षक तरीके से सजाया गया है. भजन आदि के कार्यक्रम का आयोजन भी किया जायेगा.

पंडित शालीग्राम झा ने बताया कि कृष्णा जन्माष्टमी इस बार अद्भुत संयोग लेकर आ रहा है. इस दिन नक्षत्र,राशि एवं एक तिथि होगी. वर्षों बाद इस बार वैष्णव व गृहस्थ एक ही दिन पर्व को मनायेंगे. श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्र कृष्ण अष्टमी तिथि, सोमवार रोहिणी नक्षत्र व वृष राशि के मध्य रात्रि में हुआ था. भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था. इसलिए प्रत्येक वर्ष भाद्र कृष्ण अष्टमी तिथि को श्रद्धालु जन्माष्टमी मनाते हैं. इस वर्ष जन्माष्टमी 30 अगस्त को है. जानकार बताते है कि इस बार जन्माष्टमी बहुत ही खास है. कई विशेष संयोग बन रहे हैं. अष्टमी तिथि 29 अप्रैल की रात 10:10 बजे प्रवेश कर जायेगी जो सोमवार रात 12:24 तक रहेगी. रात में 12: 24 तक अष्टमी है. इसके बाद नवमी तिथि प्रवेश कर जायेगी.

इस दौरान चंद्रमा वृष राशि में मौजूद रहेगा. इन सभी संयोगों के साथ रोहिणी नक्षत्र भी 30 अगस्त को रहेगा. ऐसे संयोग जब जन्माष्टमी पर बनते हैं तो श्रद्धालुओं को विशेष कृष्ण की कृपा बनती है. इस संयोग में जन्माष्टमी व्रत करने से तीन जन्मों के जाने-अनजाने में हुए पापों से मनुष्य को मुक्ति मिलती है. वही रविवार को गंगा स्नान करने वाले महिलाओ की काफी भीड़ देखी गयी. रविवार व्रत को लेकर महिलाओ ने पूजा पाठ किया.

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