भागलपुर: बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव ने पत्र लिखकर अंतर नियोजन इकाई स्थानांतरण दिशा निर्देश में संशोधन करने की किया मांग

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मोहित कुमार की रिपोर्ट
भागलपुर: बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के संयुक्त सचिव ने बिहार सरकार को पत्र लिखकर अंतर नियोजन (अंतर जिला सहित) स्थानांतरण दिशा निर्देश में संशोधन करने की मांग किया. मांग करते हुए भेजे गए पत्र में संयुक्त सचिव सुरेश प्रसाद राय ने कहा है कि शिक्षा विभाग बिहार सरकार द्वारा अधिसूचना जारी किया गया था. जिसके आलोक में विभाग द्वारा 7 जून को प्रख्यापित की गई.

इस अधिसूचना के माध्यम से नए शिक्षिकाओं, पुस्तकालयध्यक्षों के अंतर नियोजन इकाई (अंतर जिला सहित) अर्थ अंतरण हेतु दिशा निर्देश जारी कर उनके गहरे जख्म पर मरहम लगाने का प्रयास किया गया. किंतु गहन समीक्षा उपरांत इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि यदि इसमें अपेक्षित संशोधन नहीं किये जाते हैं. शिक्षकों की पीड़ा शांत होने की वजह और तीव्र हो जायेगी. इसमें व्यापक शिक्षा हित के लिए शिक्षकों की संतुष्टि अत्यावश्यक है. उन्होंने सात सुझाव देते हुए संशोधन की मांग किया है जिसमें रिक्त शिक्षकों की सूचना अपलोड करने का निर्देश है. जब तक राज्य के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार पदों का निर्धारण नहीं होता है. तब तक यह तय करना संभव नहीं है. किस विद्यालय में छात्रानुपात में किस विषय के नये शिक्षकों के कितने पद सृजित हैं और उनके आलोक में कितनी रिक्तियां है. जिन शिक्षकों पुस्तकालयाध्यक्षों के प्रमाण पत्रों की जांच निगरानी विभाग द्वारा हो चुकी है. और वह सही पाये गये हैं. वहीं पात्र होंगे जब कार्यरत सभी शिक्षकों एवं पुस्तकालयध्यक्ष द्वारा कई वर्ष पूर्व ही शिक्षा विभाग के माध्यम से शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाण पत्र जमा करा दिया गया है.
यह शिक्षक कैसे जानेंगे कि जांच हो चुकी है या नहीं यह जिम्मेदारी तो शिक्षा विभाग एवं निगरानी की है. इसलिए इस कंडिका को शिथिल करना आवश्यक प्रतीत होता है. अधिकतम तीन विकल्प देने का प्रावधान है. यहां यह अंकनीय है कि जब तक राज्य के सभी विद्यालयों में स्वीकृत निर्धारित नये शिक्षकों के पदों को विषय वार कोटीवार तथा रोस्टरवार वेब पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जायेगा. तब तक विकल्प चुनना संभव नहीं होगा. साथ ही साथ स्थानांतरण में भी रोस्टर एवं कोटि की नई व्यवस्था की गई है. जो पूर्व में कभी लागू नहीं था. इसलिए अंतर नियोजन इकाई के विकल्पों के साथ साथ संबंधित नियोजन इकाई के अंतर्गत कम से कम पांच विद्यालयों के विकल्प का प्रावधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए. आवेदक को स्वय नियुक्ति प्राधिकारी से एनओसी लेकर अपलोड करने का निर्देश है.
जब वन टाइम बेनिफिट के तहत यह ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा दी जा रही है. इसके लिए एनओसी का क्या प्रोयोजन है. इस प्रावधान के कारण इच्छुक आवेदक के दोहन शोषण की संभावना प्रबल हो जायेगी. साथ ही साथ किसी हठधर्मिता नियुक्ति प्राधिकार के कारण बहुत तेरे शिक्षक शिक्षिका आवेदन करने से वंचित हो जायेगे. जिन शिक्षक,पुस्तकालयाध्यक्ष की नियुक्ति दिव्यांग के लिए आरक्षक के पद के विरुद्ध हुआ हैं. वही दिव्यांग श्रेणी में माने जाएंगे. क्या अन्य कोटि के शिक्षक पुस्तकालय अध्यक्ष जो सेवाकाल में गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण दिव्यांग हो गये वे मानवीय दृष्टि से दिव्यांगता के आधार पर ऐच्छिक स्थानांतरण के हकदार नहीं है. स्थानांतरित शिक्षकों पुस्तकालयध्यक्ष की वरीयता समाप्त करने का प्रावधान किया गया है. वन टाइम ट्रांसफर बेनिफिट में वरीयता समाप्त नहीं होनी चाहिए. क्योंकि लोकप्रिय सरकार की ओर से शिक्षकों के प्रदत्त यह विशेष सुविधा है.
अंतर नियोजन इकाई पारस्परिक स्थानांतरण का दिशा निर्देश निर्गत है. किसी वन टाइम बेनिफिट स्कीम में लिंगभेद करना ही भारतीय संविधान की धारा 14 एवं 16 के प्रति कूल है. दूसरी ओर ऐसे पारस्परिक स्थानांतरण में भी ऊपर वर्णित त्रुटी पुर्ण प्रावधान हस्तांतरण ना होने का संकेत देता है. उस धारा के तहत ही ऊपर वर्णित समस्याओं का समाधान अपेक्षित है. जिससे पुरुष शिक्षकों को भी एक बार अंतर जिला अंतर नियोजन इकाई का मौका दिया जाना चाहिए. सदर अनुमंडल सचिव सह प्रमंडल मीडिया प्रभारी डॉ रवि शंकर ने भी इन सभी मांगों का समर्थन करते हुए व्यापक शिक्षक एवं शिक्षा हित में अधिसूचना में अपेक्षित संशोधन करने एवं अद्यतन रिक्तियों की मान्यता का आदेश निर्गत करने की मांग किया है.

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