आरटीपीएस काउंटर बंद रखने को ले कुंधुर पंचायत के ग्रामीणों ने किया उग्र प्रदर्शन, कुव्यवस्था के खिलाफ की नारेबाजी

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रामाकांत मिश्रा की एक रिपोर्ट।

जमुई।

ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए अवासीय, जाति आय,जन्म, मृत्यु सहित कई तरह के लोक हित से जुड़े प्रमाण पत्रों को निर्गत करने के लिये अब प्रखंड के पंचायतों में ही जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रमाण पत्र के निर्गमन की व्यवस्था आरटीपीएस के द्वारा कर रखी है। ताकि क्षेत्र के लोगों को अब अपने जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए मुख्यालय न भटकना पड़े। लेकिन जब सरकार के इस व्यवस्था से लोग मन ही मन में ये सोचकर सुकून की सांस लेने लगे कि अब हमारी जरूरत के हिसाब से अपने ही पंचायत में हम सभी को सरकार के आरटीपीएस व्यवस्था से विभिन्न तरह का प्रमाण पत्र आसानी से यहां से उपलब्ध हो जाएगा ये कहावत सी बनती दिखाई दे रही है। अब इसे प्रसासनिक व्यवस्था का रोना कहें या ग्रामीणों का दुर्भाग्य, गिद्धौर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में सरकार के निर्देश पर पंचायत में खुला आरटीपीएस काउंटर तमाम सरकार के विभागीय निर्देशों को ताक पर रखकर ग्रमीणों के लिए गाहे बगाहे ही लोक सेवा के लिए यह काउंटर पंचायत में खुलता है। जिसका जीता जागता उदाहरण शुक्रवार को प्रखंड के कुंधुर पंचायत के गेनाडीह के समुदायिक भवन में संचालित आरटीपीएस काउंटर को बंद देखकर साफ लगाया जा सकता है। बताते चले की शुक्रवार को सरकार के इसी आरटीपीएस व्यवस्था से त्रस्त कुंधुर के ग्रामीणों ने गेनाडीह आरटीपीएस काउंटर में ताला बंद देखकर सरकार के इस व्यवस्था में व्याप्त उदासीनता के खिलाफ प्रदर्शन कर विभाग व अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरटीपीएस में व्याप्त कुव्यवस्था को लेकर गेनाडीह के ग्रामीण पंचा देवी, रामधारी मंडल, महेंद्र ठाकुर, जवाहर मंडल, शत्रुधन कुमार, सूरज कुमार, अंशु कुमार, दशरथ मंडल, मनीष कुमार, दीपक कुमार, आदि ने जानकारी देते बताया कि गांव में पंचायत आधारित खुला यह आरटीपीएस काउंटर अपने उदघाटन के तिथि को छोड़कर गाहे बगाहे ही खुलती है। जिससे हम ग्रामीणों को प्रमाण पत्र के लिये दर बदर भटकना पड़ रहा है । अगर इस काउंटर का अभी से ही ये हाल है तो निकट भविष्य में इस आरिटीपीएस से पंचायत की हम जनता को कोई खासा लाभ दिखाई देता हुआ प्रतीत नही हो रहा है। अगर विभागीय स्तर से इस विषय पर गंभीरता से ध्यान नही दिया गया, तो प्रखंड के पंचायतों में सरकार के सकारात्मक पहलुओं को ध्यान में रखकर खोला गया यह काउंटर शोभा की वस्तु बनकर रह गया है। वहीं प्रखंड के रतनपुर पंचायत के पंचायत भवन, पतसंडा पंचायत भवन आदि जगहों पर सरकार व विभाग के द्वारा संचालित आरटीपीएस काउंटर, पतसंडा पंचायत भवन में संचालित आरिटीपीएस काउंटर की भी स्थिति अमूमन यही है।

खैर जो भी हो सरकार के द्वारा ग्रामीण के हितों को ध्यान में रखकर पंचायत आधारित खोला गया यह आरटीपीएस काउंटर महज ग्रामीणों के लिए छलावा बनकर रह गया है।

कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी–

वहीं पंचायत के कुंधुर, रतनपुर, पतसंडा आदि पंचायतों में बंद रहे आरटीपीएस काउंटर के मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कृष्णन से इस संदर्भ में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड भर के आरटीपीएस काउंटर को बंद रखा गया है ।

वहां कार्यरत कर्मियों से प्रखंड मुख्यालय में विभागीय कार्य लिया जा रहा है।

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Farbisganj
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