मनेर नाव दुर्घटना-गंगा में डूबे तीन मजदूरों के शव की तलाश में जुटी रही एसडीआरएफ की टीम,दो नावों की टक्कर में पिता के सामने डूब गया था पुत्र व गांव के दो अन्य युवक,दूसरे दिन भी नहीं मिला शव

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किशोर चौहान,बिहटा,(पटना)। मनेर थाना क्षेत्र में हल्दी छपरा संगम घाट के समीप बीते मंगलवार को दो नावों की टक्कर में डूबे तीन मजदूरों के शव की तलाश में एसडीआरएफ की टीम व स्थानीय गोताखोर जुटे रहे।बुधवार को देर शाम तक किसी भी मजदूर का शव बरामद नहीं किया जा सका है।घटना के बाद डूबे मजदूरों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

गौरतलब हो कि बीते मंगलवार की शाम हल्दी छपरा संगम घाट के समीप दो नावों की टक्कर में एक छोटी नाव असंतुलित होकर गंगा नदी में पलट गयी थी।जिसमें उसपर सवार 19 मजदूर डूबने लगे थे।डूब रहे 16 मजदूरों को तो आसपास के नाविकों नें छानकर बचा लिया था,लेकिन तीन मजदूर गायब हो गए थे।घटना में साथ आ रहे मजदूर तीनों को गंगा में डूब जाने की बात बतायी थी।सबसे दुःखद बात यह सामने आया था कि इस घटना में डूब रहे पिता को तो नाविकों ने बचा लिया था,लेकिन उनके पुत्र सहित गांव के दो अन्य मजदूरों का कोई अता-पता नही चल पाया है।मंगलवार को पुलिस-प्रशासन के लोग स्थानीय गोताखोरों क़ी मदद से शवों को खोज में जुटे थे।लेकिन गहरा पानी व तेज बहाव के कारण मंगलवार को अंधेरा होने तक शवों को बरामद नहीं किया जा सका था।दूसरे दिन बुधवार को स्थानीय गोताखोरों व एसडीआरएफ की टीम को शवों की खोज में लगाया गया है।समाचार लिखे जाने त किसी भी मजदूर का शव बरामद नहीं किया जा सका था।घटना के संबंध में पीड़ितों ने बताया की मंगलवार की शाम वे लोग छपरा के डोरीगंज इलाके से नाव पर सवार होकर आ रहे थे।इसी क्रम में विपरीत दिशा बलवंत टोला से आ रही एक बड़ी नाव में टकराकर उनकी नाव असंतुलित होने के कारण गंगा नदी में समा गयी।।जिसमें उसपर सवार सभी 19 मजदूर डूबने लगे। घटना के बाद आसपास के नाव वाले वहां जुट गए और नाविकों नें 16 मजदूरों को छानकर बचा लिया।जबकि तीन लोग लापता है।जिन मजदूरों को डूबने की बात कही जा रही है उनमें हल्दी छपरा सात आना पट्टी के सिपाही राय के 30 वर्षीय पुत्र विकास कुमार,रामआशीष राय के 25 वर्षीय पुत्र सुमन कुमार उर्फ दहाउर तथा स्वर्गीय देवनंदन राय के 40 वर्षीय पुत्र रामप्रीत राय बताये जा रहे है।बताया जाता है कि नाव पर सिपाही राय के साथ ही उनके पुत्र विकाश कुमार भी थे।सिपाही राय को तो नाविकों ने बचा लिया, लेकिन पुत्र डूब गया।सीओ संजय कुमार झा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दो खाली नावों की टक्कर हुई थी।जिसमें तीन लोंगो को डूबने की बात बतायी गयी है।जिस जगह हादसा हुआ है ,वह सोन,गंगा व सरयुग के संगम स्थल के समीप है। पानी का गहराव और तेज बहाव तेज रहने के कारण मंगलवार को देर शाम तक शव नहीं मिल सका था। अंधेरा होने के कारण शवों की खोज बंद कर दी गयी थी।

बुधवार को सुबह से ही स्थानीय गोताखोरों द्वारा शव की खोज की जा रही थी।शवों की खोज के लिये एडीआरआरएफ़ की टीम को भी लगाया गया था।समाचार लिखे जाने तक किसी का भी शव बरामद नहीं किया जा सका था।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पूर्व विधायक प्रो० श्रीकांत निराला व वर्तमान विधायक भाई वीरेंद्र हल्दी छपरा सात आना टोला जाकर घटना की जानकारी ली तथा गंगा में डूबे तीनों मजदूरों के परिजनों से मिलकर सांत्वना व्यक्त की है।उनलोगों ने पीड़ितों को हर संभव मदद देने का आश्वाशन दिया है।
शव मिलने की इंतजार में टकटकी लगाएं हैं परिजन, आँख में आँसू लिए पुत्र की शव खोज रहे हैं पिता-
इस घटना में अपने आँखों के सामने पुत्र विकास कुमार को डूबने पर पिता सिपाही राय के आँखों से आँसू रूकने का नाम नहीं ले रहा है। वे दूसरे दिन बुधवार को गमगीन माहौल में पुत्र की शव की खोज में जुटे रहे।वहीं गंगा में डूबे तीनों मजदूर के परिजन दूसरे दिन भी शव की बरामदगी के लिये टकटकी लगाए बैठे रहे।घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।टोले का माहौल गमगीन बना हुआ है।

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siwan
Farbisganj
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