प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक का मंत्री पद तक का सफर

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बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी के फेसबुक वाल से

बिहार की राजनीति में हमेशा कुछ अनोखा देखने को मिलता है। कुछ ऐसा ही बिहार विधान सभा चुनाव परिणाम 2020 के बाद देखने को मिला। राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली से सेवानिवृत कृषि वैज्ञानिक डॉ मेवालाल चौधरी आज बिहार सरकार मै शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण किया।

डॉ चौधरी का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ।इनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई। इनकी उच्च शिक्षा BHU, Pantnagar, Pusa जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों से हुई। इन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली, जिसको पुसा संस्थान के नाम से भी जाना जाता है, में प्रधान वैज्ञानिक के तोर पर कार्य किया। तत्पश्यात,इनकी वैज्ञानिक कार्यकुशलता को देखते हुए इन्हें भारतीय उद्यान शोध संस्थान, बंगलौर के निदेशक बनाए गए।

अपनी निखरती प्रतिभा के बदौलत इन्होंने अपनी जगह भारत सरकार में बतौर हॉर्टिकल्चर कमिश्नर पद पर बनाई। अपने कार्यकाल में इन्होंने कई योजना जैसे राष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मिशन, राष्ट्रीय बम्बू मिशन इत्यादि जैसे परियोजना का शुरुवात व सफलतापूर्वक क्रियान्वन किया। ये कोकोनट बोर्ड , कॉफे बोर्ड के चेयरमैन भी रहे है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इनका अनुभव FAO में भी काम करने का रहा है।बतौर वैज्ञानिक के तोर पर इजरायल में भी काम करने का मोका मिला।

इनके इस अनोखे अनुभव के कारण राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय में बतौर कुलपति तथा बिहार कृषि विश्वविद्यालय का फाउंडर कुलपति बनाया गया।

इन्होंने इस पद पर रहते हुए कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारक परिवर्तन के आधारशिला रखी। अल्प अवधि में बिहार कृषि विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लिया जाने लगा। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने भी इस उपलब्धि के लिए विशेष प्रसंशा की। इन्होंने विश्वविद्यालय में आधारभूत संरचना का निर्माण व राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं पर बल दिया, जिसके कारण सबसे ज्यादा परियोजना चलाने वाला कृषि विश्वविधालय बना, जिसमें यहां के युवा वैज्ञानिक का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इनके द्वारा किए गए कार्यों को नजदीकी से समझने के लिए आप विश्वविधालय मेन कैंपस सबौर; कृषि कॉलेज, किशनगंज; कृषि कॉलेज, पुर्निया; हॉर्टिकल्चर कॉलेज, नूरसराय; कृषि कॉलेज, बक्सर व कृषि कॉलेज सहरशा का मुआयना कर सकते है।

विपरीत परिस्थिति में भी काम करना इनकी आदत हो गई है, चाहे राजनीतिक कैरियर ही क्यों ना है। आपके इस संघर्षशील जीवन से देशभर के सभी कृषि वैज्ञानिक काफी खुशी है।

देश व विदेश के वैज्ञानिकों द्वारा बिहार सरकार में मंत्री बनाए जाने के बाद बधाई देने में लगे हुए हैं।

निश्चय ही शिक्षा विभाग की जि्मेदारी मिलने के बाद, एक वैज्ञानिक सोच व दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।

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