फारबिसगंज:मयूर माइक्रो फाइनांस कंपनी द्वारा ठगी की शिकार महिलाओं ने गृहस्वामी के घर पर किया हंगामा

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मयूर माइक्रो फाइनांस कंपनी द्वारा ठगी की शिकार महिलाओं ने गृहस्वामी के घर पर किया हंगामा,मौके पर पहुंची पुलिस, 50 हजार के लोन देने के नाम पर साढ़े सात लाख के ठगी का है मामला,गृहस्वामी की गिरफ्तारी की मांग।

फारबिसगंज नारायण यादव

सुनियोजित ढंग से करीब साढ़े सात लाख रुपये ठगी के सनसनीखेज मामले को लेकर बुधवार को बड़ी संख्यां में पीड़ित महिलाओं ने महिला कॉलेज रोड स्थित बैंक स्थल वाले नरेश मंडल के मकान पर पहुंचे।आक्रोशित महिलाओं ने मौके पर गृहस्वामी व माइक्रो फाइनांस के विरोध में जमकर हो हंगामा करने लगे।सूचना पर फारबिसगंज थाने से अवर निरीक्षक शिवनारायण यादव के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची । आक्रोशित ठगी के शिकार उतेजित महिलाओं को समझाने लगे कि जब तक आप लोग लिखित शिकायत थाने में नहीं देंगे तो दोषियों के विरुद्ध कैसे पुलिस अग्रेतर कारवाई कर पायेगी ? गृहस्वामी के यहां बेवजह का हो हंगामा करना ठीक नहीं है।कानूनी प्रकिया के अनुसार हीं न्याय मिल सकता है।इस पर ठगी की शिकार महिलाओं में से कई गुस्से में बात करने लगी तो कई ने समझदारी से बात करते हुए सभी ठगी के शिकार महिलाओं के जमा होने के बाद थाना पहुंचकर लिखित शिकायत करने की बात कह शांत हो गए।लेकिन पुलिस से सवाल जरूर किया कि आखिर आप लोगों को हो हंगामे की सूचना किसने दी,क्या गृहस्वामी नरेश मेहता ने?आक्रोशित महिलाओं ने गृहस्वामी पर रुपये का गायरेन्टर होने की बात कहते हुए उनकी तुरंत गिरफ्तारी व ठगी गई राशि वापसी पर जोर दिया ।
बताते चलें कि रविवार को नरेश मेहता के महिला कॉलेज रोड वार्ड 9 में बने पक्के भवन में भाड़े पर दिए गए कमरों को आफिस का स्वरूप देकर ठग गिरोह ने शाखा का रविवार को भव्य तरीके से शुभारंभ किया।प्रत्येक महिलाओं को 50 हजार लोन देने के नाम पर करीब 500 महिलाओं से प्रति व्यक्ति 1445 रुपये पति-पत्नी के संयुक्त बीमा कराने के नाम पर कागजातों के साथ नगद रुपये की आराम से वसूली की।भूस्वामी हरिपुर पैक्स अध्यक्ष नरेश की माने तो सभी ठग गिरोह के सदस्य बारी बारी से शाम के वक्त रविवार को हीं नास्ता करने के बहाने जो निकले तो अभी तक लौट कर नहीं आये।उनलोगों का फ़ोन भी बंद है।कमरों में टेबल,कुर्सी,रैक अभी भी लगा हुआ है।उन्होंने स्वीकार किया कि बगैर पूरी छानबीन के उन्होंने भाड़े पर मकान देकर गलती तो किया है।मगर फर्जी मयूर माइक्रो कंपनी से उनका कोई लेना देना नहीं है।वे तो पास में यादव जी कबाड़ी के मकान में चल रही इसी प्रकार के किस्तों पर चल रहे बैंकिग व्यवसाय तथा बंधन और कई नाम से फारबिसगंज के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे नॉन बैंकिंग व्यवसाय समझकर वगैर एग्रीमेंट कराए हीं विश्वास कर 12 हजार रुपये मासिक किराये पर अपना खाली कमरा भाड़ा पर दिया है।इतनी सी गलती उनसे जरूर हुई है।भाड़े की अग्रिम 5 हजार की राशि भी उनके गैरमौजूदगी में ठग गिरोह के सदस्य ने उनकी पत्नी को 10 दिन पूर्व में हीं दिया था।इधर पुलिस ने इस मामले में ठग गिरोह के किसी भी सदस्य की गिरफ्तारी अथवा कोई उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई है।कारणवश ठगी की शिकार महिलाएं तथा उनके परिजनों में पुलिसिया कारवाई को लेकर भीषण रोष व्याप्त है।

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