मधेपुरा। खाड़ा के सुखासिनी गांव निवासी पूर्व नक्सली कमांडर कामरेड भोला साह की गोली मारकर हुई हत्या, जांच में जुटी पुलिस

अज्ञात अपराधियों ने दिया अंजाम, तीन गोली मारे जाने से मौके पर हुई भोला साह की मौत।

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🔼पूर्व में कामरेड भोला साह रह चुके थे नक्सल के कमांडर।

🔼भोला साह गांंव के ही महेन्द्र पासवान हत्या मामले में जा चुके थे जेल।

🔼कामरेड भोला साह को मारी तीन गोली हुई मौके पर मौत।

🔼मंदिर प्रांगण में भोला के साथ सोते थे मंदिर के पूजारी टुनटुन चौधरी और एक सेवानिवृत चौकीदार भी।

मधेपुरा। नक्सल शब्द ही लोगों को अपने आप में  अलग दहशत करा जाता है। जानकारी से  नक्सल की उत्पत्ति जहां पश्चिम बंगाल के छोटे से गाँव नक्सलबाड़ी से हुई वहीं धीरे-धीरे इनका पैर पूरे देश में फैल गया बताया जाता है। सर्वविदित नक्सली के कार्य समाज, प्रशासन और सरकार के विपरीत गतिविधि किए जाने का रहा है। दर्जनों  नक्सली समाजिक मुख्यधारा से अलग होकर कार्य करने के जुर्म में प्रशासनिक एनकाउन्टर में मारे जा चुके हैं तो कई हथियार डाल समाजिक मुख्यधारा से जुड़कर अमनचैन की जिंदगी की राह पर है तो दर्जनों गिरफ्तार कर प्रशासन द्वारा जेल भेजे भी सुने जा रहें हैं।
इसी परिपेक्ष्य में जहाँ भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता चारू मजूमदार और कानू सान्याल ने 1967 में  सत्ता के विरुद्ध एक सशस्त्र आन्दोलन का आरम्भ किया था । जानकारी से आज कई नक्सली संगठन वैधानिक रूप से स्वीकृत राजनीतिक पार्टी बन गये हैं और संसदीय चुनावों में भाग लेकर समाज की दिशा बदलने व इनके  सहयोग में लग गए हैं।
कुछ दशक पूर्व नक्सली गतिविधि मधेपुरा जिला के उदाकिशुनगंज प्रखंड के पश्चमी क्षेत्र में चरम सीमा पर थी। इनके गतिविधि से लोग रात-दिन डरे-सहमे कृषि कार्य करने को मजबूर थे।

(लिंक को घटना के बारें में जानने के लिए क्लिक करें —

https://youtu.be/jikRyfJrz90)

मिली ग्रामीणों की जानकारी से पूर्व में इसी  नक्सली गतिविधि में संलिप्त खाड़ा पंचायत के सुखासिनी वार्ड नंबर-12  निवासी 75 वर्षीय कामरेड भोला साह पूर्व कमांडर रह चुके थे। प्रशासन का डर कहें या इन कार्यों से मोहभंग नक्सली गतिविधि से अलग होकर वर्षों पूर्व भोला साह धार्मिक गतिविधि और कार्यक्रम में रूचि लेकर क्षेत्र में सौहार्दपूर्ण वातावरण में घर-गृहस्थी की जिंदगी की मुख्यधारा में आ चुके थे। इसके साथ सामाजिक मुख्य धारा से जुड़कर खाड़ा-सहरसा सड़क के किनारे सुखासिनी में सार्वजनिक हनुमान मंदिर निर्माण में सहयोग भी देने का कार्य कर रहे थे। अब पूजा-पाठ से लेकर अन्य धार्मिक गतिविधि में मसगुल हो चुके थे। इसके साथ अपने तीन लड़के क्रमश: बैकुण्ड,बिलाश और विकास व अन्य सदस्यों के साथ कृषि कार्य में भी रमे थे।
पूर्व में इस क्षेत्र में भोला दास के नाम से इनका दहशत था। बताया जाता है कि 1998 के आसपास सुखासिनी निवासी  महेन्द्र पासवान हत्या मामले में भोला दास कई आरोपियों के साथ जेल भी जा चुका था जो बेल पर था।
बुधवार को हनुमान मंदिर से करीब 5 सौ मीटर उत्तर-पश्चिम के एक खेत में करीब 4 बजे सुबह अज्ञात अपराधियों द्वारा कई गोली मारकर हुई हत्या को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएँ हैं।

🔼बैकुण्ठ (मृतक का पुत्र) के अनुसार–

भोला साह का बड़ा लड़का बैकुण्ठ साह और विकास ने बताया कि अज्ञात बदमाशों ने मेरे वृद्ध और बीमार पिता को हनुमान मंदिर से सुनसान खेतों में ले जाकर तीन गोलियाँ क्रमश: बायाँ कनपट्टी,कंधे के नजदीक और पजड़े में मारी। जिससे मौके पर ही मौत हो गई है। इसके बाद सुबह खबर मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई।

🔼मंदिर पूजारी टुनटुन चौधरी के अनुसार-

हनुमान मंदिर के पुजारी टुनटुन चौधरी ने बताया कि मंदिर परिसर में तीन लोग मैं (पुजारी), एक सेवानिवृत चौकीदार,भोला साह हर रोज सोते थे। बुद्धवार की रात हम भगैत में चले गए थे। लगभग दो बजे के आसपास आए और सीधे अपने विस्तर पर चले गए। सुबह करीब 5 बजे भोला साह की बड़ी भाभी तेतरी देवी (पति हरिलाल साह) मंदिर परिसर में रोज की भांति आई तो बीमार भोला साह को अपने विस्तर पर नहीं देख इधर-उधर ढ़ूढ़ने लगी और घर में अन्य को बताई। खोजबीन के बाद पता चला कि सुखासिनी-सहरसा मुख्य सड़क और मंदिर  से 5 सौ मीटर उत्तर-पश्चिम में फोटो रजक के खेत के समीप एक शव पड़ा है। जिसको देखने पर भोला साह के शव के रुप में पहचान हुआ।
ग्रामीणों की मानें तो वृद्ध भोला दास की हत्या से घर के स्वजन जहां शोक में डूबे हैं। कई ग्रामीणों ने कहा कि वृद्ध भोला साह  हाल के कई वर्षों से कई बीमारी से भी जूझ रहा था। वर्षों से गलत संगति त्यागकर  भगवान की शरण रहकर साधु व वैराग्य का  जीवन जी रहा था।

🔼मौके पर पहुँचे बुधामा ओपी प्रभारी–

इधर इस घटना की जानकारी होने पर फौरन मौके पर बुधामा ओपी प्रभारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा अपने दल-बल के साथ घटना स्थल पर पहुँचकर एक-एक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पुलिस कई बिदुओं पर जांच कर रही है। उन्होंने वरीय पदाधिकारी को घटना की सूचना दिए जाने की भी बातें कही।

🔼घटना स्थल पर पहुँचे थानाध्यक्ष जे.पी.चौधरी–

हत्या की खबर मिलते ही उदाकिशुनगंज थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी अपने सशस्त्र बल के साथ घटना स्थल पर पहुँचकर सारे विंदुओं पर गहन छनबीन की। हत्या स्थल  (खेतों में) जाकर अनेक बातों पर गौर किया। भोला के शरीर में लगे गोली से निकले खून और अन्य प्रशासनिक बातों के मद्देनजर हत्या स्थल (खेतों) पर खोखे की  खोजबीन और उपस्थित लोगों से पूछताछ भी की। वापस मंदिर आकर मंदिर के पुजारी और कई ग्रामीणों से भी हत्या से संदर्भित  पूछताछ की। हत्या की मूल वजह  प्रशासनिक स्तर पर अभी मालूम नहीं हो सका था। थानाध्यक्ष ने कहा कि हत्या करने वाले जो भी हों उसे खोजकर प्रशासन निकाल लेगी अनुसंधान जारी है। थानाध्यक्ष ने कागजी कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मधेपुरा भेज दिया।

🔼एसडीपीओ भी पहुँचे घटना स्थल पर–

इस वारदात के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतीश कुमार ने घटना स्थल पर पहुँच कर भोला साह के ज्येष्ठ पुत्र बैकुण्ठ साह,मंदिर के पूजारी टुनटुन चौधरी व अन्य ग्रामिणों से पूछताछ की। एसडीपीओ ने कहा कि हत्या के बिषय में गहन छानबीन जारी है। हत्यारों को कई तरह से पकड़ने की दिशा में प्रशासन की कार्यवाई भी जारी है। जल्द ही हत्यारों के गिरेबान तक पुलिस पहुँचेगी। पुलिस अनुसंधान जारी है।

🔼पहुंचे मुखिया ध्रुव व अन्य–

हत्या की खबर सुनते ही खाड़ा पंचायत के वर्तमान मुखिया ध्रुव कुमार ठाकुर, सरपंच प्रतिनिधि बिनोद मंडल,पूर्व पंसस जितेंद्र पंडित, जदयू नेता शिव कुमार महतों, समाजसेवी मंजय प्रसाद सिंह सहित कई लोगों ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्वजनों को सांत्वना दी। मुखिया ने कहा कि इस क्षेत्र की जनता के अमन चैन के लिए और घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन को पैनी नजर रखने के साथ-साथ बदमासों,अपराधियों और अराजकतत्वों पर  ध्यान देने की कड़ी आवश्यकता है।

रिपोर्ट : डेस्क बिहार न्यूज लाइव।

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