संसाधनों से पूर्ण है सारा देश, उत्पादकता को परखने की जरूरत : कुलाधिपति

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65 प्रतिशत छात्राओं ने स्वर्ण पदक पाया

पी०एन०भारती की रिपोर्ट,दरभंगा

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दरभंगा : बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन ने आज मंगलवार को कहा कि सारा देश संसाधनों से पूर्ण है। संसाधनों की वर्षा हो रही है, जरूरत इस बात कि है कि नये खोज और उत्पादकता को परखते हुए हौसले से आगे बढे इसी से भारत का निर्माण होगा। कुलाधिपति श्री टंडन ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के डॉ. नागेन्द्र झा स्टेडियम में विश्वविद्यालय के नवम् दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हम भू-मंडलीकरण के दौर से गुजर रहे हैं। क्षेत्र और देश की सीमाएं भी विलुप्त होती जा रही है। संचार माध्यमों में क्रांति आई है। हम किताबी दुनियां से निकल कर इंटरनेट और बेवसाईट की दुनियां में आ गये हैं। रोजगार का स्वरूप बदल रहा है और उसकी संभावनाएं देश-देशांतर तक पख्यिाप्त है। उन्होंने कहा कि मिथिला की हृदय स्थली दरभंगा आज मेरे लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है।

कुलाधिपति ने कहा कि आज का भारत नई ऊर्जा और पराक्रम से भरा हुआ है। हमारे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव का पुन: उत्थान हो रहा है। हमारे युवाओं में राष्ट्रीयताा की उद्दाम लहरें प्रभावित हो रही हैं। पुलवामा हमले की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमलों का प्रतिकार करते हुए देश ने अपने प्रचंड पौरूष को प्रकट किया है। आतंकवाद के विरूद्ध हमारे संघर्ष को पूरी दुनियां ने आज समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद आज हमारा राष्ट्र धर्म बनता जा रहा है। हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का भी कथन है ‘राष्ट्रवाद बुरी चीज नहीं है, बुरी है संकुचित मनोवृति, स्वार्थपरता और एकांतिकता, जो आधुनिक राष्ट्रों के विनाश के लिए उत्तरदायी है भारतीय राष्ट्रवाद ने एक भिन्न मार्ग चुना है यह समूची मानवता के हित तथा उसकी सेवा के लिए स्वयं को संगठित करना यानि पूर्ण आत्माभिव्यक्ति की स्थिति को प्राप्त करना चाहता है।

कुलाधिपति ने महिला सशक्तिकरण की चर्चा करते हुए कहा कि आज आपके विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में 2015-2017 एवं 2017-2018 के लिए वितरित हुए कुल 51 स्वर्ण पदकों में 31 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिले हैं। लड़कियों ने 65 प्रतिशत स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपने महत्त्व को दर्शाया है। अतिथियों का स्वागत कुलपति प्रो. सुरेन्द्र कुमार सिंह और संचालन कुलसचिव कर्नल निशीथ कुमार राय ने किया। इस मौके पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. धीरेन्द्र पाल सिंह ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। वहीं इस अवसर पर कुलाधिपति के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

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