हाजीपुर: सतत जीविकोपार्जन योजना से अधिक-से-अधिक लोगों को जोड़ा जाए –जिलाधिकारी

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बिहार न्यूज़ लाइव हाजीपुर डेस्क: संजय विजित्वर (हाजीपुर) – जिला धिकारी ,वैशाली ,यशपाल मीणा के द्वारा वैशाली समाहरणालय सभागार में जीविका वैशाली के कार्यों के प्रगति की समीक्षा की गई और डीपीएम, जीविका को निर्देश दिया गया कि वैशाली जिला में भी चनपटिया माॅडल की तरह एक फैक्ट्री तैयार कराएं।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि यहां जो पाॅंच मॉडल सीएलएफ (संकुल स्तरीय संघ) बनाए गए हैं उनमें अलग-अलग चीजों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए।ये उत्पाद सेनेटरी नैपकिन, हैंडलूम, केला का रेशा से निर्मित सामान, मधु ,रेडीमेड कपड़े या कोई अलग तरह का उत्पाद हो सकता है । जिलाधिकारी ने कहा कि इसी में से किसी को विकसित कर चनपटिया मॉडल बनाया जाए। बैंक द्वारा जीविका समूहों को दिए जाने वाले ऋण की समीक्षा के क्रम में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय लिंकेज निर्धारित समय सीमा के भीतर करवाने का निर्देश दिया गया ताकि अधिक- से- अधिक समूह अपना रोजगार बढ़ा सकें । एक बैंक सखी एक पंचायत के तर्ज पर अगले महीने तक सभी 278 पंचायतों में बैंक सखी की नियुक्ति की जाए। एक जिला एक प्रखंड के आधार पर सभी 16 प्रखंडों में जीविकोपार्जन गतिविधि के लिए एक नया नवाचार आरंभ कराया जाए एवं सरकार की महत्वाकांक्षी सतत जीविकोपार्जन योजना से योग्य लाभुकों को अधिक -से -अधिक संख्या में जोड़ा जाए । इसके लिए सुदूरवर्ती क्षेत्र या नदी के किनारे रहने वाले लोगों को लक्षित किया जाए। सभी प्रखंडों में नए 40 से 50 परिवारों को जोड़ा जाए ।इसमें विकास मित्र का सहयोग लिया जाए। नीरा की समीक्षा के क्रम में डीपीएम जीविका ने बताया कि जिला में 3784 टैपर पंजीकृत किए गए हैं।

 

कुल 173 नीरा विक्रय केंद्र खोले गए हैं जिसमें सबसे अधिक महुआ में 22 केंद्र हैं ।अभी तक जिला में कुल 752027 लीटर नीरा की बिक्री की गई है ।जिलाधिकारी के पूछने पर बताया गया कि एक सेल प्वाइंट से प्रतिदिन 10 से 20 लीटर नीरा की बिक्री की जा रही है । नीरा के मामले में यह जिला बिहार में दूसरे स्थान पर विद्यमान है। पूर्व में जिला के 30 तालाबों में जीविका के माध्यम से मछली पालन करने का निर्देश दिया गया था ।बैठक में डीपीएम ने बताया कि बिदुपुर और लालगंज में कार्य प्रारंभ हो गया है, परंतु अभी 30 जगह कार्य प्रारंभ होना बाकी है। इस क्रम में जिलाधिकारी के द्वारा जानकारी ली गई कि यहां किस मछली की मांग अधिक है और उसके लिए मार्केट कैसे उपलब्ध होगा?

 

डीपीएम ने बताया कि रोहू, कतला,ग्रास जैसी मछली की मांग ज्यादा है और जो उत्पादन होगा उसकी स्थानीय बाजार में ही खपत हो जाएगी । जिलाधिकारी ने इस कार्य को गति देने और मार्केट सर्वे कर लेने का निर्देश दिया । डीपीएम जीविका ने बताया कि वैशाली जिला में 367370 दीदी और 31597 स्वयं सहायता ग्रुप हैं।समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी के साथ उप विकास आयुक्त,चित्रगुप्त कुमार,डीपीएम जीविका सभी बीपीएम एवं जीविका से जुड़े प्रोफेशनल्स उपस्थित थे ।

 

 

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