स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने किया डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन

0 199

• डायलिसिस कराने के लिए अब जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा
• बीपीएल परिवार व गोल्डेन कार्ड धारकों को मिलेगी नि:शुल्क सुविधा
• बिना कार्ड धारकों को देना शुल्क

•जल्द ही कोविड19 जांच के आरटी-पीसीआर लैब की होगी स्थापना

सीवान । स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान कराने के उद्देश्य अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करायी जा रही है। उक्त बातें सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सदर अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन करते हुए कही। उन्होने कहा कि जिले में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसके लिए मरीजों को निजी सेंटर या जिले के बाहर सेंटर जाना पड़ता था इसमें ज्यादा फीस चुकाना पड़ती है। लेकिन अब जिला अस्पताल में डायलिसिस सेंटर शुरू होने के बाद किडनी के मरीजों को जिले में सुविधा के साथ ही आर्थिक राहत भी मिलेगी। खासकर गरीब वर्ग के लोगों को डायलिसिस के लिए कर्ज लेना नहीं पड़ेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए अब जिले से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान समय में डायलिसिस कराने के लिए मरीजों को पटना या देश के अन्य शहरों में जाना पड़ता है। खासकर डायलिसिस की आवश्यकता किडनी फेल्योर के मरीजों को पड़ती है। वर्तमान समय में जिले में किडनी फेल होने की स्थिति में मरीजों को डायलिसिस कराई जाती है। किडनी के मरीजों को उन्हें नजदीकी शहर में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त कोविड जांच के आरटीपीसीआर लैब व सिटी स्कैन की सुविधा शुरू की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के तहत डायलिसिस सेंटर की स्थापना नेफ्रों हेल्थ केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर की गई है। इस सेंटर में पांच बेड की व्यवस्था की गई है और विश्व स्वास्थ संगठन तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप सभी मानकों को पूरा किया गया है ।

आधुनिक संसाधनों तथा सुविधाओं से सुसज्जित यह केंद्र चालू हो जाने से छपरा शहर समेत सारण जिले के किडनी फेल्योर मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा आसानी से उपलब्ध होगी।स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत बीपीएल परिवार के मरीजों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के लिए गोल्डन हेल्थ ई- कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वैसे मरीज भी डायलिसिस सेंटर में निःशुल्क डायलिसिस करा सकेंगे, जिनके पास गोल्डन हेल्थ ई- कार्ड की सुविधा उपलब्ध है।स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए लोगों को तीन चीजें लेकर आना आवश्यक है, जिसमें चिकित्सक के परामर्श पर पर्चा, राशन कार्ड तथा आधार कार्ड शामिल है।

जिसके आधार पर ऑनलाइन पंजीकरण डायलिसिस सेंटर में किया जाएगा तथा पंजीकरण के बाद तीन बार डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। तीन बार सेवा प्राप्त करने के बाद फिर नए सिरे से पंजीकरण कराना होगा। डायलिसिस सेंटर में ऑनलाइन निबंधन के बाद लोगों को अस्पताल प्रबंधक से सत्यापन कराना होगा। सत्यापन पर्चा डायलिसिस सेंटर में लाकर जमा करना होगा, जिसके आधार पर अस्पताल के उपाधीक्षक के द्वारा ऑनलाइन अप्रूवल दिया जायेगा, जिसके बाद यह सुविधा मिलेगी। जिन लोगों के पास राशन कार्ड की सुविधा नहीं है, उन्हें 1634 रुपए जमा करने पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ यदुवंश कुमार शर्मा, डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, उपाधीक्षक डॉ एमके आलम, डीएएम रणधीर कुमार, विधायक करनजीत सिंह, पूर्व विधायक रामायण मांझी, नेशलन हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड के बिजिनेस हेड निशान सिंह, क्लस्टर मैनजर सुजीत कुमार सुमन समेत अन्य मौजूद थे।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

add-2
Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More