मधेपुरा : पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की 1450वीं जयंती ‘ जश्न ए ईद मिलादुन नबी ‘ के अवसर पर आयोजित हुआ जलसा

इस्लाम धर्म में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है - मौलाना बदरूज्जमा सिद्दीकी

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बिहार न्यूज़ लाइव@चौसा( मधेपुरा)

इस्लाम धर्म में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है । जो लोग इस्लाम के नाम पर इस्लाम धर्म में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं है । जो लोग इस्लाम के नाम पर आतंक फैलाते हैं वह मानवता के दुश्मन हैं । शांति, प्रगति, एकता और भाईचारा हजरत मुहम्मद साहब की सबसे बड़ी शिक्षा है। लिहाजा प्रत्येक मुसलमान को शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाना चाहिए ।
उक्त बातें मौलाना बदरूज्जमा सिद्दीकी ने कही । वे आज रविवार को स्थानीय जनता उच्च विद्यालय, चौसा के मैदान में आयोजित जलसा सिरतुन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को संबोधित कर रहे थे ।इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की 1450वीं जयंती ‘ जश्न ए ईद मिलादुन नबी ‘ के अवसर पर आयोजित जलसा को संबोधित करते हुए मौलाना सिद्दीकी ने कहा कि पूरी दुनिया में इस्लाम के नाम पर जो आतंक फैला हुआ है वह गलत है । इस्लाम में इस तरह के फितने की कोई जगह नहीं है ।

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मौलाना एजाज अहमद निजामी ने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब ने नमाज ,रोजा , हज व दान के साथ ही देशभक्ति को कर्तव्य की श्रेणी में रखा है । लिहाजा देशभक्ति मुसलमानों के ईमान का अहम हिस्सा है । हाफिज साकिब फरीदी ने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के पथ प्रदर्शक थे। मौलाना दावर हुसैन और मौलाना अनवार ने कहा कि वे पूरी मानवता का सम्मान करते थे ।उन्होंने दया, प्रेम, भाईचारा तथा लिंगभेद रहित समाज के निर्माण का संदेश दिया था । लिहाजा हमें हजरत मुहम्मद साहब के शिक्षा के अनुसार ही जीवन जीना चाहिए ।
ज्ञातव्य है कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मुहम्मद साहब के 1450 वें जन्मोत्सव के अवसर पर चौसा प्रखंड में धूमधाम से जश्न ए ईद मिलादुन नबी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रखंड के चौसा बस्ती, पैना ,चंदा , मनोहर पुर , डबरूटोला आदि विभिन्न गांवों से जुलूस ए मुहम्मदी निकाल कर मुसलमानों ने जश्न मनाया। बाद में जुलूस में शामिल अकीदतमंद स्थानीय जनता उच्च विद्यालय के मैदान एकत्रित होकर जलसा सिरतुन नबी का आयोजन किया।

जलसा की शुरुआत हाफिज अब्दुर्रहमान के द्वारा तिलावत ए कुरआन से की गई। इस दौरान मौलाना अफरोज आलम रिज्वी,हाफिज खालिद रजा,मोहम्मद अरमान रजा , मौलाना अब्दुल समद बरकाती सहित कई शायरों और कवियों ने नातिया कलाम पेश किया।जलसा को मौलाना इरफान अहमद सहित कई ओलमा ने भी संबोधित किया।
मौके पर पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार, हबीबुल्लाह अंसारी, बीरेंद्र कुमार, समाजसेवी असगर अली ,जदयू अल्पसंख्यक सेल के प्रखंड अध्यक्ष फरीद आलम , अब्बास अली सिद्दीकी,हाजी मही उद्दीन, शहादत अली , यहिया सिद्दीकी, बीरेंद्र कुमार बीरू,ध्रुव पासवान, सुदाम राय, संजय कुमार यादव, सच्चिदानंद चौधरी, मोहम्मद परवेज ,मोहम्मद फिरयाद , शादाब रजी,मौलवी युसूफ, हाफिज बेलाल,हाफिज इसहाक,हाफिज परवेज,अब्दुल सत्तार, वकील हाशमी, आमिर सिद्दीकी सहित सैकडों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अबुसालेह सिद्दीकी ने किया , जबकि मंच संचालन मौलाना एजाज अहमद निजामी ने किया।। लिहाजा प्रत्येक मुसलमान को शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाना चाहिए ।
उक्त बातें मौलाना बदरूज्जमा सिद्दीकी ने कही । वे आज रविवार को स्थानीय जनता उच्च विद्यालय, चौसा के मैदान में आयोजित जलसा सिरतुन नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को संबोधित कर रहे थे ।इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब की 1450वीं जयंती ‘ जश्न ए ईद मिलादुन नबी ‘ के अवसर पर आयोजित जलसा को संबोधित करते हुए मौलाना सिद्दीकी ने कहा कि पूरी दुनिया में इस्लाम के नाम पर जो आतंक फैला हुआ है वह गलत है । इस्लाम में इस तरह के फितने की कोई जगह नहीं है ।
मौलाना एजाज अहमद निजामी ने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब ने नमाज ,रोजा , हज व दान के साथ ही देशभक्ति को कर्तव्य की श्रेणी में रखा है । लिहाजा देशभक्ति मुसलमानों के ईमान का अहम हिस्सा है । हाफिज साकिब फरीदी ने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के पथ प्रदर्शक थे। मौलाना दावर हुसैन और मौलाना अनवार ने कहा कि वे पूरी मानवता का सम्मान करते थे ।उन्होंने दया, प्रेम, भाईचारा तथा लिंगभेद रहित समाज के निर्माण का संदेश दिया था । लिहाजा हमें हजरत मुहम्मद साहब के शिक्षा के अनुसार ही जीवन जीना चाहिए ।
ज्ञातव्य है कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक हजरत मुहम्मद साहब के 1450 वें जन्मोत्सव के अवसर पर चौसा प्रखंड में धूमधाम से जश्न ए ईद मिलादुन नबी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रखंड के चौसा बस्ती, पैना ,चंदा , मनोहर पुर , डबरूटोला आदि विभिन्न गांवों से जुलूस ए मुहम्मदी निकाल कर मुसलमानों ने जश्न मनाया। बाद में जुलूस में शामिल अकीदतमंद स्थानीय जनता उच्च विद्यालय के मैदान एकत्रित होकर जलसा सिरतुन नबी का आयोजन किया।
जलसा की शुरुआत हाफिज अब्दुर्रहमान के द्वारा तिलावत ए कुरआन से की गई । इस दौरान मौलाना अफरोज आलम रिज्वी,हाफिज खालिद रजा,मोहम्मद अरमान रजा , मौलाना अब्दुल समद बरकाती सहित कई शायरों और कवियों ने नातिया कलाम पेश किया।जलसा को मौलाना इरफान अहमद सहित कई ओलमा ने भी संबोधित किया।
मौके पर पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार, हबीबुल्लाह अंसारी, बीरेंद्र कुमार, समाजसेवी असगर अली ,जदयू अल्पसंख्यक सेल के प्रखंड अध्यक्ष फरीद आलम , अब्बास अली सिद्दीकी,हाजी मही उद्दीन, शहादत अली , यहिया सिद्दीकी, बीरेंद्र कुमार बीरू,ध्रुव पासवान, सुदाम राय, संजय कुमार यादव, सच्चिदानंद चौधरी, मोहम्मद परवेज ,मोहम्मद फिरयाद , शादाब रजी,मौलवी युसूफ, हाफिज बेलाल,हाफिज इसहाक,हाफिज परवेज,अब्दुल सत्तार, वकील हाशमी, आमिर सिद्दीकी सहित सैकडों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अबुसालेह सिद्दीकी ने किया , जबकि मंच संचालन मौलाना एजाज अहमद निजामी ने किया।

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