बिहार में का बा.. देखते ही देखते छा गया गीत

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मुंगेर। 20 लाख से अधिक युवाओं को अपनी ओर खींचने के लिए राजद का बिहार में का बा गीत इस तरह से शेयर हो रहा है| और चाहने वाले लाखों लाख हो गए हैं। जिससे इस पार्टी की चमक बढ़ गई है तथा विपक्ष भी इस गीत का काट खोजने में भिड़ गए हैं। इस गीत के माध्यम से राजद बिहार के बाढ़ की स्थिति बेरोजगारी की स्थिति सहित अन्य समस्याओं को उजागर किया है।

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जल्दी ही यह गीत सबों के जुबाँ पर छा जाएगा गीत इतना हिट हो रहा है कि जदयू तिलमिला गया है। क्योंकि गाने के माध्यम से बिहार राज्य की समस्याओं को हास्य व्यंग में उठाया गया है। गीत का शीर्षक है बिहार में का बा। कोरोना से बीमार बा। बाढ़ से बदहाल बा,भरी जवानी में मंगरुवा चलत ठिंंगूरुवा चाल बा, झूठ बोरिवा सूते खाति लड़कवा लड़वा, बिहार में काबा हफ्ता के मजदूरी खातिर राम लाल के मेहरारू.. यह गीत इस कदर छाया है कि फिल्म इंडस्ट्री के खास निर्देशक इसका गीत संयोजन वो संगीत संयोजन करेंगे।

ज्ञात हो कि राष्ट्र में भाजपा की सरकार केंद्र में है। नोटबंदी के बाद जीडीपी की स्थिति इतनी गिर गई है कि सभी उद्योगों की स्थिति खराब है। लोगों की स्थिति कर दिया है कि अन्य राज्यों से लौटे बिहारी मजदूर अब रोजी रोजगार के लिए तरस रहे हैं तथा व्यवसाय पूरी तरह ठप है साथ ही कई कर्मियों को बैठाने का फरमान तथा कई कल कारखाने बंद होने से जीडीपी और रोजगार का खस्ता हाल है।जिस पर यह गीत काफी भा रहा है और युवाओं को लुभा रहा हैं।

आंकड़ा के मुताबिक अप्रैल में 12.1 करोड़ में से 9.1 करोड बिहारी मजदूरों की नौकरी चली गई जुलाई में लगभग 48 लाख और अगस्त में 33 लाख नौकरियां गई है। जुलाई के मुकाबले अगस्त में बेरोजगारी दर बढ़कर 8.35 हो गई है। सीएमआई के मुताबिक लॉकडॉउन के बाद 2.1 करोड की नौकरियां छूट गयी। पिछले वित्त वर्ष में महज 1.70 लाख नौकरिया ही पैदा हुई। जॉब ग्रोथ रेट पिछले साल की तुलना में 3.8% से घटकर 3.5% हो गई है 2019 में किसानों और कारोबारियों ने भी खुदकुशी की है। सन् 2019 में कुल 11599 बेरोजगारों ने आत्महत्या की है। कुल सुसाइड मामलों में से 23.4% दिहारी मजदूरों ने की है।
मुंगेर से गंगा रजक की रिपोर्ट।

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संगम बाबा
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