विधिमंडल चुनाव को लेकर प्रत्याशियों में बढी बेचैनी, अधिवक्ता वोटर शांत।

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डॉ.विद्या भूषण श्रीवास्तव/दुर्गेश प्रकाश बिहारी
छपरा(सारण) स्थानीय व्यवहार न्यायालय में आगामी 16 अप्रैल को होने वाले विधि मंडल के अध्यक्ष के एक पद के लिए तथा उपाध्यक्ष के तीन पदों के होने वाले चुनाव को लेकर चुनाव में खड़े प्रत्याशियों में बेचैनी बढ़ गई है। सभी अपने अपने स्तर से अपने जीतने का दावा प्रस्तुत कर रहे हैं और अधिवक्ताओं के हितों में लागू करने वाली योजनाओं के बारे में विस्तृत रूप से बतला रहे हैं। अध्यक्ष पद के दावेदार पूर्व महामंत्री अवधेश्वर सहाय जो छपरा विधि मंडल के पूर्व में महामंत्री के पद पर रह चुके हैं इस बार वे अध्यक्ष पद के लिए अपना दावा कर रहे हैं और उन्होंने वादा किया है कि पूर्व में जो अधिवक्ताओं के हितों की योजना चल रही है|

उसको उसको और जोरदार तरीकों से लागू किया जाएगा पूर्व में भी वह अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई महा मंत्री रहते हुए लड़ें हैं। दूसरे प्रत्याशी गंगोत्री प्रसाद उनका भी कहना है कि अधिवक्ताओं के मान सम्मान मे किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। अधिवक्ताओं को किसी भी संस्था से कोई सहायता नहीं मिलता है। केंद्र और राज्य सरकार से उनके लिए विभिन्न प्रकार के आर्थिक योजनाओं को लागू कराना उनकी प्रथम प्राथमिकता रहेगी।

तीसरे प्रत्याशी जगदीश पंडित उन्होंने भी अधिवक्ताओं की कल्याण का काम करने की बात कही चौथे प्रत्याशी अध्यक्ष पद हेतु तारकेश्वर प्रसाद सिंह उनका भी दावा है कि पूर्व में भी वह बिना पद पर रहते हुए अधिवक्ताओं की लड़ाई लड़े हैं, अधिवक्ताओं के हितों के लिए वह बराबर प्रयासरत रहते हैं ।पांचवे प्रत्याशी के रूप में बजरंगबली पांडे इनका भी दावा है कि वह अगर अध्यक्ष बनते हैं तो अधिवक्ताओं के हितों के लिए लड़ाई लड़ेगे वह अधिवक्ता के हित के लिए कितनी बार जेल भी गए है। छठे प्रत्याशी विमल चंद सिंह इनका भी दावा है कि अधिवक्ताओं की लड़ाई के लिए और उनको उचित मान-सम्मान दिलाने के लिए वे हमेशा प्रयासरत रहेंगे अगर जरूरत पड़ी तो बिहार स्टेट बार काउंसिल में भी जाकर अधिवक्ताओं के हितों की बात करेंगे। सातवें प्रत्याशी के रूप में राघवेंद्र बहादुर चांद का भी दावा है कि वह चुनाव जीतने के बाद अधिवक्ताओं के मिलने वाले सुविधाओं को और बढ़ाने की कोशिश करेंगे अधिवक्ताओं के वेलफेयर राशि को बढ़ाने का भी दावा उन्होंने किया है।

आठवीं प्रत्याशी के रूप में रामकुमार शर्मा इन का भी दावा है कि वह भी अधिवक्ताओं के मान सम्मान के लिए किसी भी प्रकार की लड़ाई लड़नी होगी वह उसे पूरा करने में अधिवक्ताओं का साथ देंगे। नव नंबर के प्रत्याशी के रूप मे लक्ष्मी नारायण प्रसाद पूर्व में उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं उनका भी दावा है कि अधिवक्ताओं के मान-सम्मान में कहीं भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और उनके हितों के लिए जिस से भी लड़ाई लड़नी होगी वे लड़ेंगे और छपरा विधि मंडल के अधिवक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं को और अधिक बढ़ाएंगे। दसवीं प्रत्याशी के रूप में निर्वतमान अध्यक्ष श्री राम सिह नंबर 1 का भी दावा है जो अपने पूर्व के कार्यकाल में मैं अधिवक्ताओं के हित में काम नहीं कर सका उसे पूरा करूंगा।ग्यारहवे प्रत्याशी के रूप में सियाराम जी प्रसाद सिंह जो पूर्व मे निर्वतमान उपाध्यक्ष के पद पर भी रह चुके है इनका भी दावा है कि वे अधिवक्ताओं के वेलफेयर की राशि को बढ़ाने का कोशिश करेंगे पेंशन योजना तथा अन्य योजनाओं को यथाशीघ्र लागू कराने की कोशिश करेंगे। विदित हो कि अध्यक्ष केवल पद हेतु छपरा विधि मंडल के ग्यारह अधिवक्ताओं ने अपना नामांकन दाखिल किया है और सभी अपने-अपने जीतने का दावा भी कर रहे हैं परंतु चुनाव के मद्देनजर छपरा विधि मंडल के अधिवक्ता शांत है और सभी प्रत्याशियों की बातों को सुन रहे हैं उनमें अभी किसी प्रकार की बेचैनी नहीं देखी जा रही है|

परंतु सभी प्रत्याशी अपने अपने प्रकार से बैनर, पोस्टर के माध्यम से तथा जनसंपर्क कर रहे है सभी अधिवक्ताओं के बैठने के सीटों पर तथा उनके घरों पर जाकर अपने अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। छपरा विधि मंडल के उपाध्यक्ष हेतु 3 पद स्वीकृत है। जिसके लिए 7 अधिवक्ताओं ने अपना अपना नामांकन दाखिल किया प्रथम अरुण कुमार वर्मा इनका भी दावा है कि अधिवक्ताओं के मान सम्मान में किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करूंगा दूसरे प्रत्याशी के रूप में निर्मल कुमार श्रीवास्तव जो निर्वतमान विधि मंडल के संयुक्त सचिव के पद पर रहे हैं वह भी अधिवक्ताओं के हितों की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं और उसी भावना से उपाध्यक्ष पद पर अपना दावा प्रस्तुत कर रहे है। तीसरे प्रत्याशी के रूप में मदन सिंह भी अधिवक्ताओं के हित की दावा कर रहे हैं चौथे प्रत्याशी के रूप में ललन कुमार सिंह वह भी अधिवक्ताओं के मान सम्मान की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। पांचवे प्रत्याशी के रूप में शत्रुघ्न प्रसाद सिंह वह भी दावा कर रहे हैं कि अधिवक्ताओं के हितों में तथा उनके मान सम्मान में किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करूंगा और उन्हें अधिक से अधिक आर्थिक लाभ मिले उसका प्रयास करूँगा। छठे प्रत्याशी के रूप में सुनील कुमार सिंह नंबर- 2 वह भी अधिवक्ताओं के हितों में लागू बिहार स्टेट बार काउंसिल के योजनाओं को और कड़ा रूप से लाभकारी योजनाओं को लागू करना चाहते हैं ताकि छपरा के अधिवक्ताओं को भी बेतिया, मोतिहारी के अधिवक्ताओं की तरह प्रत्येक माह अधिक से अधिक रूपए उनके खाते में जाएं सातवें प्रत्याशी के रूप में सुरेश सिंह उपाध्यक्ष पद हेतु अपना नामांकन दाखिल किए हैं और वह भी छपरा विधि मंडल में अधिवक्ताओं को अधिक से अधिक लाभ मिले उसकी कोशिश करने का दावा प्रस्तुत कर रहे है और उनसे संपर्क कर रहे हैं विदित हो कि अध्यक्ष पद के लिए कुल 11 उम्मीदवारो ने नामांकन दाखिल किया है। जिनमें से एक व्यक्ति को ही अध्यक्ष पद को सुशोभित करना है और उपाध्यक्ष पद के सात उम्मीदवारों में से तीन को ही उपाध्यक्ष का पद सुशोभित करना है किसके किस्मत में क्या होता है यह तो 16 तारीख के चुनाव के बाद ही पता चलेगा परंतु सभी प्रत्याशी अपने अपने जीत का दावा कर रहे है परन्तु मतदाता अधिवक्ता शान्त है औऱ मतदान की तिथि 16अप्रैल का इंतजार कर रहे है तथा प्रत्याशियों की बेचैनी बढ़ रही है।

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