सिवान। चेतन भगत बनने की राह पर चला सिवान का लाल कुणाल, कुणाल की लिखी पुस्तकों पर बन रही फिल्में

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सिवान । अरविंद पाठक। दुनिया में अपने लिखें उपन्यासों तथा उन पर बनी सुपरहिट फिल्मों के कारण चेतन भगत का नाम घर घर में जाना जाता है और उसी चेतन भगत की राह पर चल कर बहुत कम समय में सिवान के लाल कुणाल भारद्वाज ने भी अपनी पहचान अपने लिखें उपन्यासों एवं उन पर बन रही फिल्मों के कारण देश दुनिया में बनाया है ।आईटी सेक्टर में कार्य करने के बावजूद साहित्य कला एवं भोजपुरी माटी से लगाव ने कुणाल के अंदर की लेखक प्रतिभा को इस कदर निखारा है कि आज कुणाल के दो उपन्यास बेस्टसेलर्स में शामिल हैं और दोनों उपन्यासों की कहानियों पर फिल्में बन चुकी है।

। शुक्रवार को दिल्ली से सीवान पहुंचे युवा उपन्यासकार कुणाल भारद्वाज ने बिहार न्यूज़ लाइव के समाचार संपादक अरविंद पाठक से इस संबंध में विशेष बातचीत की । कुणाल भारद्वज ने बताया कि वे आईटी सेक्टर में काम करते हैं।

अब तक उन्होंने दो अंग्रेजी उपन्यास लव वाज नेवर माइन और वन लास्ट विश लिखा है। इसके साथ ही कई कहानियां व लघु फिल्मों का स्क्रीप्ट भी लिखा है। लव वाज नेवर माइन की अब तक 40 हजार से अधिक प्रति बिक चूकी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए कई पुरस्कार भी मिले हैं। बातचीत के दौरान कुणाल ने बताया कि उनके द्वारा लिखी गई लघु फिल्म मुक्ति हाल ही लांच हुई है। इसे यूट्यूब व सोशल मीडिया पर खूब सराहना मिल रही है। इसके संबंध में कुणाल ने बताया कि मुक्ति फिल्म ऑटिज्म से पीड़ित एक बच्ची पर बनी है। यह जिले के एक सच्ची घटना पर आधारित है। कुणाल ने बताया कि वे भोजपुरी के लिए भी काम कर रहे हैं।। जल्द ही भोजपुरी में भी उनकी रचनाएं प्रकाशित होगी। गौरतलब है कि कुणाल भारद्वाज महादेवा निवासी सेवानिवृत बैंककर्मी नरेंद्रनाथ के पुत्र हैं। फिलहाल वे में बेंगलुरु में आईटी सेक्टर में कार्यरत हैं। साथ ही कुणाल भारद्वाज यह बताना नहीं भूले कि उनके अब तक के सफर में उनके माता-पिता तथा उनकी पत्नी अलका भरद्वाज का पूरा सहयोग मिला है।

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siwan
Farbisganj
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