छठ महापर्व के संध्‍या अर्ध्‍य पर आपदा से निपटने के लिये एनडीआरएफ के बचावकर्मी मुस्तैदी से रहे तैनात,व्रतियों से बैरेकेटिंग के अंदर डुबकी लगाने का करते रहे अनुरोध

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किशोर चौहान,बिहटा(पटना)।लोकआस्‍था के महापर्व छठ पूजा के संध्‍या अर्ध्य के अवसर पर शनिवार को 9 वीं बटालियन एनडीआरएफ,बिहटा के 650 से अधिक बचावकर्मी 95 रेस्क्यू बोटों के साथ पटना के गंगा नदी घाटों के अलावे भोजपुर, बक्‍सर, सुपौल तथा सारण जिले में दोपहर से देर शाम तक घाटों पर हर तरह के संभावित खतरों से निपटने के लिए अत्‍याधुनिक बाढ़-बचाव उपकरणों के साथ मुश्‍तैदी से तैनात रहे।

इसके कमान्डेंट विजय सिन्‍हा ने बताया कि बटालियन के प्रशिक्षित बचावकर्मी छठ पूजा ‘संध्‍या अर्ध्य’ के अवसर पर जिला प्रशासन के साथ कुशल समन्वय स्थापित कर अलग-अलग नदी घाटों पर लोगों को हर सम्‍भव मदद करने लिए तत्‍पर रहे।वे सभी रेस्क्यू बोट से पेट्रोलिंग करते हुये मेगाफोन और सिटी के माध्‍यम से स्‍नान कर रहे श्रद्धालुओं को बैरेकेटिंग के अन्‍दर ही स्‍नान करने अनुरोध करते र‍हे ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। देर शाम तक एनडीआरएफ की चार रिवर एम्बुलेंस मेडिकल स्‍टाफ के साथ पटना गंगा नदी घाटों के किनारे लगातार पेट्रोलिंग करती रही ताकि जरूरत पडने पर लोगों को तुरन्त चिकत्‍सा मदद मुहैया कराया जा सके। गंगा नदी घाटों पर स्‍थापित मेडिकल बेस कैम्‍प पर एनडीआरएफ के चिकित्‍सा अधिकारी तथा अन्‍य मेडिकल स्‍टाफ द्वारा जरूरतमंद लोगों को चिकित्‍सा सहायता मुहैया कराया गया।
इस मौके पर कमान्डेंट सिन्हा तथा एनडीआरएफ के अन्‍य अधिकारी बोट पेट्रोलिंग के माध्‍यम से पटना गंगा नदी के अलग-अलग घाटों पर जाकर स्‍वयं नजर बनाये रखे तथा बचावकर्मियों के हौसला अफजाही करते हुये नजर आये।इस वर्ष पटना में एनडीआरएफ द्वारा 72 रेस्क्यू बोट के अलावा लकड़ी के नावों का भी ऑपरेशनल ईस्‍तेमाल किया जा रहा है।खतरनाक घाटों पर लकड़ी के नावों इसके बचावकर्मियों को लाइफब्‍वॉय व मेगाफोन के साथ तैनात किया गया है।
संचार उपकरणों का कुशल ईस्‍तेमाल करते हुये एनडीआरएफ कंट्रोल रूम द्वारा पल-पल की खबरें कमान्डेंट को दी गई।बटालियन की टीमें सुबह के अर्ध्‍य के दिन व्रत समाप्ति तक गंगा नदी घाटों पर तथा नदी के किनारे बोटों पर लगातार श्रद्धालुओं की निगरानी करेगी ताकि स्‍नान के दौरान किसी प्रकार का हादसा न हो सके।

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Farbisganj
siwan
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