पटना : शरण्य राष्ट्रीय मानवाधिकार द्वारा 30 वर्षीय विवाहित युवती की जान बचाई एवं न्याय हेतु मदद किया गया l

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बिहार न्यूज़ लाइव |सनोवर खान / सुधांशु रंजन की रिपोर्ट /पटना डेस्क: शरण्य राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध विरोधी संगठन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री ईशान सिन्हा जी को रात के 11:00 बजे एक युवती पटना से फोन करती है और काफी रोती है और कहती है मेरी जान चली जाएगी मुझे तीन-चार दिन से खाना पीना नहीं दिया गया है बंद रखा गया है भूखे प्यासे मेरी जान बचाए मैं अपने ससुराल में हूं सास ससुर और मेरे मामा और मेरे पति सभी लोग मिले हुए हैं और मेरे जान के दुश्मन है कृपया इस दिशा में मेरी मदद करें।श्री राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय ने समय न बर्बाद करते हुए सारी बातों को गंभीरता पूर्वक लिया फिर इन्होंने तुरंत पटना जिला अध्यक्ष शशि कुमार भगत जिला सचिव धनंजय कुमार जी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी से संपर्क कर सारी बातों से अवगत कराया।

Lमध्य रात्रि 11:30 बजे पटना जिला सचिव धनंजय कुमार एवं संगठन के पदाधिकारी गण तुरंत बेवर थाना पटना जो बेऊर जेल के समीप है पहुंचे और सारी बातों से अवगत कराया पुलिस पदाधिकारी तुरंत अविलंब पूरे दलबल के साथ लड़की को बचाने हेतु रात के करीब 12:30 बजे घर पर पहुंचे और उसे छुड़ाया गया सारे परिवार के लोगों से बातें की गई फिर दूसरे दिन थाना में सभी को बुलाया गया विवाहित लड़की ने पुलिस प्रशासन को देखकर लंबी सांस ली और रोते बिलखते हुए सारी बातों से अवगत कराया और संगठन के अधिकारियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी कि तुरंत सारी प्रक्रियाओं को तेजी से कर लिया गया कारण कभी भी कुछ भी अनहोनी हो सकता था इसलिए इस चीज को देखते हुए संगठन पदाधिकारी गण हरकत में आए और तेजी से उस विवाहित लड़की को बचाने हेतु मानवाधिकार का फर्ज अदा करने में जुड़ गए।

 

अंततः पटना जिला अध्यक्ष शशि कुमार भगत पटना सचिव धनंजय कुमार एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी सनोवर खान एवं संगठन के सभी पदाधिकारी गणों के नेतृत्व में थाना में लिखित बांड भरवाया गया एवं लड़की के साथ कुछ भी अनहोनी ना हो सके इसके तहत पूरे परिवार से बांड भरवाया गया और आश्वासन लिया गया कि इसके साथ अब कभी अभद्र व्यवहार या मारने पीटने जैसी कोई भी समस्या उत्पन्न ना हो राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय ने पटना टीम को ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है संगठन इसी प्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वाह समाज में समर्पित होकर मानवाधिकार की रक्षा कर कार्य करते रहे यही हमारे संगठन का संस्कार है।

 

 

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Madhepura

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