संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा जरूरी: अब 18 से 59 साल तक के व्यक्तियों को नि:शुल्क दी जायेगी बूस्टर डोज

4

बिहार न्यूज़ लाइव डेस्क:
• संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण है जरूरी
• जिले में व्यापक स्तर पर चल रहा है टीकाकरण अभियान

छपरा,25अप्रैल। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अब सभी व्यस्कों को तीसरी डोज यानि बूस्टर डोज लगायी जायेगी। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एक अच्छी पहल की है। बिहार सरकार ने 18 से 59 साल के लोगों के लिए बूस्टर डोज मुफ्त किया है।अब तक हेल्थ कर्मी फ्रंटलाइन वर्कर, 60 से अधिक आयु वर्ग ,किशोर और युवा वर्ग को वैक्सीन लगाई जा रही है। वहीं अब कोरोना से बचाव के लिए प्रीकाॅशनरी डोज यानि बूस्टर डोज भी लगाई जा रही है। देश के कई हिस्सों से कोरोना के नये मामलों के प्रतिवेदित होने के बीच हम लोगों को सतर्क व सचेत रहना बहुत जरूरी है। सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश के आलोक में जिले में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा कोविड जांच बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्त्तमान समय में जिले में प्रखंड स्तर पर आयोजित किये जा रहे मेले के दौरान भी कोविड जांच की सुविधा प्रदान करते हुए लोगों की कोविड जांच की गयी है। वहीं कोविड जांच के कई केन्द्र भी स्थापित किये गये हैं। वैसे हालिया आंकड़ों को मानें तो राज्य में देश के औसत से अधिक कोविड जांच किये गये हैं ,जो सरकार एवं लोगों में कोरोना के प्रति सजगता को दर्शाता है।

बूस्टर डोज के साइड इफेक्ट क्या हैं ?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद कई लोगों को हाथ में सूजन, बुखार, शरीर में दर्द, सिरदर्द , थकान, गले में खराश जैसे लक्षण महसूस हुए थे। कुछ लोगों को ठंड लगना, सूजन, लिम्फ नोड्स भी होने की संभावना रहती है। हालांकि ये संकेत प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित होने या टीके के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया हो सकती है। बता दें कि सरकारी टीकाकरण केंद्रों के माध्यम से चल रहे मुफ्त टीकाकरण कार्यक्रम के साथ-साथ स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंट लाइन वर्कर और 60 से अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज अभियान जारी रहेगा और इसमें तेजी लाई जाएगी।

संभावित खतरों के प्रति विभाग गंभीर:
सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने कहा कि जांच की संख्या बढ़ाने को लेकर जरूरी निर्देश दिये गये हैं। कोरोना वैक्सीनेशन व जांच पर फिर से जोर दिया जा रहा है। सभी अस्पताल के चिकित्सा प्रभारियों को इसे लेकर सचेत किया गया है। रोजना कोरोना जांच को लेकर निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति हर हाल में सुनिश्चित कराने को कहा गया है। उन्होंने आम लोगों से संक्रमण से बचाव संबंधी जरूरी उपायों का सख्तीपूर्वक अनुपालन की अपील की है।
कोविड अनुरूप व्यवहार है जरूरी:
सिविल सर्जन ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क जरूरी है। इसके अलावा भीड़भाड से बचाव आवश्यक है। वहीं कोरोना से रक्षा के लिए हाथ एवं शरीर को स्वच्छ रखना आवश्यक है। इन उपायों के द्वारा हम संक्रमण से बचाव कर सकते। किसी प्रकार का संदेह होने पर लोगों को निकट के सरकारी अस्पताल में जाकर जांच करानी चाहिए। वहां निःशुल्क रूप से कोरोना वायरस जांच की सुविधा उपलब्ध है। वहीं जांच उपरांत रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर चिकित्सक से उपचार की सुविधा का लाभ उठायें।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Managed by Cotlas