सकल जग तारिणी हे छठी मईया……महापर्व छठ को लेकर छठ घाट सजधज कर तैयार, दिनभर बाजारों में जमकर हुई खरीदारी

36 घंटा का उपवास शुरू, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ आज - आस्था,श्रद्धा के साथ खरना व्रत संपन्न

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एस के झा/ माहित कुमार की रिपोर्ट
सुलतानगंज: चार दिवसीय लोक आस्था के महापर्व छठ के दूसरे दिन गुरूवार को खरना आस्था,श्रद्धा,पवित्रता व शुचिता के साथ मनाया गया. देर शाम खरना व्रत पर पूजा-अर्चना किया गया. माता छठी की आराधना की गयी. 36 घंटा का निर्जला उपवास शुरू हो गया. शुक्रवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ दिया जायेगा. शनिवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ दिया जायेगा. जिसके लिए पूरी तैयारी किया गया है.

महापर्व छठ को लेकर विभिन्न छठ घाटों पर दिनभर घाट मरम्मती व साज सज्जा का काम होता रहा. जिसके बाद छठ घाट अस्ताचलगामी व उदीयमान सूर्य को अर्ध्य देने के लिए सजधज कर पूरी तरह से तैयार हो चुका है. छठ व्रती बाजारों में पूजन सामग्री व फलों की दुकानों में जोर- शोर से खरीदारी करने में लगे हैं. पर्व को लेकर माहौल भक्तिमय हो गया है. हर तरफ छठ के लोकगीतों से माहौल सराबोर हो रहा है. वही सुलतानगंज व अकबरनगर बाजार सहित अन्य जगहों पर खरीदारी करते लोगो की काफी भीड़ देखी गयी. छठ व्रती ने बताया कि भगवान सूर्य प्रत्यक्ष देवता हैं. सूर्य से ही समस्त प्राणियों की उत्पत्ति व पालन होता है. और उन्हीं में विलय हो जाता है. सूर्य की उपासना से व्यक्ति के मानसिक व शारीरिक पाप नष्ट हो जाते हैं. इसलिए श्रद्धापूर्वक सूर्य नमस्कार,पाठ व संध्या वंदना करने से भगवान सूर्य का आशीर्वाद सहज ही प्राप्त होता है.

अर्घ दान का विशेष महत्व है. चमत्कारिक रूप से फलों को प्रदान करने वाला यह व्रत है. सूर्योपासना से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. संपूर्णÊ बिहार,झारखंड व यूपी के श्रद्धालुओं के बीच बड़ा पर्व के नाम से सुप्रसिद्ध छठ पर्व के पावन अवसर पर जगह-जगह छठ माता की आराधना में काफी झुमा देने वाली भक्ति से ओत-प्रोत छठ गीतों से वातावरण गूंजायमान हो रहा है. कही महाशक्ति सूर्य की आराधना में गीत- उगऽ-उगऽ हे सुरूज देव! तो कहीं महिमा छठ माई के अपार…….., कोई मांगे अन्न, धन, कोई मांगे संतान…..सकल जग तारिणी हे छठी मईया…… जैसे मर्म स्पर्शीÊ व मन को भाव विभोर कर देने वाली गीतों का स्वर संपूर्णÊ वातावरण को भक्ति समान बोधगम्य बना रही है.

परवैतिन व अन्य सहयोगी श्रद्धालु द्वारा शुक्रवार को सूप पर पूजन के लिए पकवान, लड़ुवा या कसार,ढेकुआ इत्यादि बनाया जायेगा. अर्घ के दौरान कष्टी,श्रद्धालु,भक्त, भगवान सविता से मोक्ष,सुख,शांति,समृद्धि,यश,वैभव,कीर्तिÊ,सम्मान व प्रतिष्ठा मांगेंगे.खरना को लेकर गुरूवार को हजारों श्रद्धालुओं व परवैतिन महिलाओं ने पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट पर गंगा स्नान किया. गंगा घाट पर बैरिकेडिंग व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किया गया है.

श्रद्धालुओ को स्नान करने में कोई परेशानी नही हुई. कई जिला से श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर गंगा जल लेकर गये. वहीं कई श्रद्धालुओं ने गंगा जल भर कर देवघर रवाना हुए.
– कोरोना से देशवासियों को मिले निजात इसी मनोकामना के साथ छठ कर रही हीरा देवी
– खरना संपन्न,पहला अर्घ्‍य

सुलतानगंज: कोरोना काल से पूरा विश्व गुजर रहा है. इस बीच बिहार में कोरोना संकट काल में यह पहला छठ पर्व मनाया जा रहा है.व्रत कर रही छठ व्रती हीरा देवी ने बताया कि हर बार अपने बाल बच्चों के रक्षा व लंबी आयु के लिए छठ व्रत रख रही हूं. मगर इस बार संकटकाल को देखते हुए समस्त विश्व में प्रकोप की समाप्ति हेतु व्रत रखा है.
उन्होंने कहा कि छठी मैया सभी मनोकामना पूर्ण करती है. जनमानस के उद्धार और इस बीमारी से भी छठ मैया मुक्ति दिलाएगी.आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ के दूसरे दिन गुरुवार को खरना व्रत संपन्न हुआ. इसमें व्रतियों द्वारा छठी मैया को गुड़,अरवा चावल एवं दूध से बने रसिया का भोग लगाया गया.

शुक्रवार को सांध्‍यकालीन सूर्य को व शनिवार को उगते सूर्य को अर्घ्‍य दिया जायेगा. कोरोना संक्रमण काल में यह पहला छठ व्रत है,जिसमें संक्रमण से बचाव के तमाम ऐहतियाती उपाय किये गये हैं. नप प्रशासन द्वारा भी मास्क व सैनिटाईजर की व्यवस्था के साथ पूरे शहर मे ध्वनि विस्तारक यंत्र से कोरोना को देखते हुए व्यापक प्रचार प्रसार कराया गया है.

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