सीवान:महज संयोग कहें या महिला सशक्तिकरण का असर, जिले के सभी महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओ का कब्जा 

0 2,406
Above Post 640X165 Desktop
Above Post 320X100 Mobile

अरविन्द पाठक। सीवान । लोकसभा चुनाव 2019 देश के लिए भले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार दुसरी बार प्रधानमंत्री बनने तथा एनडीए के दुबारा भारी जनमत के लिए जाना जाएगा लेकिन सीवान इन सबसे अलग महिला सशक्तिकरण की अलग पहचान के लिए जाना जाएगा। अब इसे महज संयोग कहें या महिला सशक्तिकरण सीवान से जदयू की कविता सिंह के सांसद बनते ही सीवान ने एक नया अध्याय लिख दिया।

पहली बार ऐसा हुआ है कि जिले में जिलाधिकारी सुश्री रंजीता हैं और इसके साथ ही सांसद के रूप में महिला सांसद कविता सिंह, जिप अध्यक्ष के रूप में संगीता यादव तथा नप अध्यक्ष के रूप में सिंधु सिंह विराजमान हैं। लंबे समय से संसद में 35 प्रतिशत महिला आरक्षण की मांग होती रही है मांग जारी है।

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जरूर त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पचास प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया। लेकिन जिले में सांसद हो या जिप अध्यक्ष ये महिला आरक्षण की देन नहीं हैं। राजनीति में पुरूषो के वर्चस्व को चैलेंज कर इस दोनो पदो पर महिलाओ ने कब्जा जमाया है। जिलाधिकारी महिला जरूर हैं लेकिन उनका एक जिले से दूसरे जिले में आना जाना हो सकता है। लेकिन सांसद जिप अध्यक्ष या नप अध्यक्ष का एक साथ इन सीटो पर कब्जा है और अगले चुनाव तक यही सांसद व अध्यक्ष बनी रहेंगी।

जिलाधिकारी सुश्री रंजीता ने जिस तरह बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के जिले में लोकसभा चुनाव संपन्न कराया है इसे भी याद किया जाएगा। वहीं ओम प्रकाश यादव जैसे कद्ावर नेता का टिकट कटने के बाद जदयू से उम्मीदवार बनी कविता सिंह की चुनौती तो राजद की हिना शहाब से थी जो खुद महिला हैं।

लेकिन माले के अमरनाथ यादव की चुनौती दोनो उम्मीदवारो पर भारी पड़ जाती। जदयू की कविता सिहं ने बेहद शानदार ढंग से अमरनाथ यादव के वोटो को अपनी ओर मोदी के नाम से मोड़ लिया और मतदान करा लिया।

अरविन्द पाठक की अन्य खबर:-

Middle Post 640X165 Desktop
Middle Post 320X100 Mobile

सीवान:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिली सीवान सांसद कविता सिंह, दिल्ली रवाना, जदयू कोटे से मंत्री पद पर चर्चा  

सीवान:प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को केदारनाथ तो सीवान की पहली महिला सांसद कविता को है महेन्द्रनाथ में विश्वास 

सीवान:राम राज मोड़ पर मुर्गा व्यवसाई की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या

सीवान:मतदान नहीं करने वालों कुछ तो शर्म करो इस 107 साल की वृद्धा को देखकर

ये राजनीति में महिलाओ के बढते प्रभाव का साफ संकेत दे गया। वहीं कुछ समय पूर्व जिप अध्यक्ष के चुनाव में जिस तरह संगीता यादव ने एक से एक धुरंधरो को धूल चटाते हुए जिप अध्यक्ष पद पर कब्जा किया उससे महिला सशक्तिकरण की खुशबू सीवान की फिजाओ में आज भी महक रही है। इसी तरह से नप के अध्यक्ष के नाम पर सिंधु सिंह का कब्जा है।

जिलाधिकारी के साथ सीवान की पहली महिला, नप क्षेत्र की पहली महिला तथा जिले में पहली बार महिला सांसद। इसे महज संयोग नहीं कहा जा सकता है। निश्चित रूप से ये महिला सशक्तिकरण का ही एक उदाहरण है।

Below Post 640X165 Desktop
Below Post 300X250 Mobile

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Before Author Box 640X165 Desktop
Before Author Box 300X250 Mobile
Before Author Box 320X250 Mobile
After Related Post 640X165 Desktop
Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More