सीवान – जिले के हर मां बाप कह उठे, बेटा हो तो ऐसा

जिले ने रचा इतिहास, एक ही गांव के दो युवको ने एक साथ यूपीएससी में मारी बाजी

0 2,402

जिले ने रचा इतिहास, एक ही गांव के दो युवको ने एक साथ यूपीएससी में मारी बाज
सीवान। अरविन्द पाठक। स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डा0 राजेन्द्र प्रसाद के बाद भले ही सीवान की धरती से और काई राजेन्द्र प्रसाद नहीं निकल पाया हो लेकिन सीवान की मिट्टी उर्वरा है और हमेशा से प्रतिभाओ को पैदा करने का कार्य करती आ रही है।

सीवान से कई आईएएस, आईपीएस, डाक्टर इंजीनियर सहित अन्य विभागो में बडे पदो पर कार्य कर रहे हैं। लेकिन इस बार जिले के एक ही प्रखंड के एक ही पंचायत के एक ही गांव के दो युवको ने यूपीएससी में बाजी मारकर इतिहास बना दिया है। गोरियाकोठी प्रखंड के सैदपुरा गांव निवासी सुरेश तिवारी के पुत्र लक्ष्मण तिवारी ने यूपीएससी की परीक्षा में 176 वां रैक लाकर न सिर्फ अपने परिवार, गांव बल्कि पूरे जिले का नाम देश की फलक पर ला दिया है।

लक्षमण तिवारी की प्रारंभिक शिक्षा सैदपुरा मीडिल स्कूल से हुई है। मैट्रिक्र, गोपालजी प्रसाद उच्च विद्यालय सानी बसंतपुर से पास किया है ।वहीं ग्रेजुएशन ताजपुर एलएस कॉलेज से किया है।  इसके बाद दिल्ली में रहकर तैयारी किया। स्नातक में पॉलिटिकल साइंस था, इसलिए यूपीएससी में भी उन्होंने इसे ऑप्शनल सब्जेंक्ट में पॉलीटिकल साइंस ही रख। 21 वर्ष की आयु में लक्ष्मण तिवारी ने जो सफ़लता प्राप्त की है वह वीरों को ही मिलत है। इसी गांव के हृदयानाथ मिश्र के पुत्र दीपक कुमार मिश्र ने 511 रैंक लाकर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का ऐसा प्रदर्शन किया है जिसे देख सून कर हर कोई सोच रहा है कि बेटा हो तो ऐसा।

ज्ञात हो कि दीपक ने आईआईटी दिल्ली से मेकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई की है और भारतीय रेल, भारत पेट्रोलियम सहित अन्य कई विभिन्न जगहों पर महत्वपूर्ण पदो पर कार्य भी किया है। गावं के दो युवको की सफलता ने गांव में रह रहे अन्य युवको के लिए परिश्रम के माध्यम से सफलता का राह खोल दिया है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More