चमकी बीमारी से 10 बच्चों की मौत।सदर अस्पताल सहित किसी भी सरकारी अस्पताल में इस चमकी बुखार बीमारी का ईलाज नहीं।

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इस चमकी बुखार से बच्चे की मौत होने से जिले में दहशत का माहौल।

कुम्भ कर्णी नींद में सो रहे जिला प्रसासन।नही हो रहा कोई निदान।

अर्जुन कुमार झा/समस्तीपुर:जिले में मंगलवार को चमकी बुखार से दस बच्चे की मौत की खबर प्रकाश में आया है।वही चमकी बुखार से छः बच्चो की मौत पुष्टी की गयी है।जिले में चमकी बुखार से बच्चे बीमार हो रहे है लेकिन इस चमकी बुखार बीमारी का ईलाज सदर अस्पताल के डॉक्टर के पास नहीं है।वही एक चौकाने वाली बात प्रकाश में यह आया है कि चमकी बुखार से मौत होने के बाद एक भी मृत बच्चे की इंट्री सदर अस्पताल के रजिस्टर पर नहीं मिलेगा।जब कि हर मरने वाले बच्चों को सदर अस्पताल के डॉक्टर ने ही ईलाज किया है।यह दुर्भाग्य है कि मरने वाले बच्चों का सदर अस्पताल में इंट्री नही किया गया है।

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या फिर सदर अस्पताल का सिस्टम को सदर अस्पताल में एक मौत के बाद दुसरा बच्चा पहुंच रहा है।वही डॉक्टर ने आला से बीमार बच्चे को चेक करते है ऑक्सीजन लगाते है तथा बच्चे को रेफर करते है या फिर मृत घोषित कर देते है।यह लोगों के बीच चर्चा का माहौल बना हुआ है कि सदर अस्पताल का नाम बदल कर रेफर अस्पताल कर दिया जाय। क्योंकि हर मरीज को यहाँ से रेफर ही किया जाता है।चमकी बुखार से बच्चे की मौत के बाद जब सीएस से सम्पर्क करने उनके कार्यालय जाया गया तो वो अपने कार्यालय में नहीं थे उसके बाद डीएस से मिला गया तो डीएस ने बातो को मकरा के जाल की तरह बातों को इधर से उधर घुमाने लगे।

अस्पताल में डॉक्टर ने ईलाज तो करना शुरु कर देते है लेकिन मिनटों बाद उसे फिर दूसरे अस्पताल रेफर कर देते है। आप खुद फोटो देख लिजिए की चमकी बुखार से चटपटा रहे बच्चे की ईलाज के दौरान मौत हो गया फिर भी अस्पताल के रजिस्टर पर मृत बच्चें का नाम नहीं मिलेगा। इसेअस्पताल कर्मी की लापरवाही या सिस्टम की गड़बड़ी नहीं कहेंगे तो और क्या कहा जायेगा। मंगलवार को सरायरंजन थाना क्षेत्र के बरुणा रसलपुर निवासी विनोद सहनी के पुत्र खेलते खेलते अचानक बेहोश होकर गिर गया आनन फानन में बच्चे को ईलाज के लिए पहले मुसरीघरारी स्थित डॉक्टर विजय कुमार के पास लाया गया बच्चे को देख कर डॉक्टर ने कहा इस बीमारी का ईलाज मेरे पास नहीं है।आप इसे सदर अस्पताल लेकर जाओ फिर वहां से सदर अस्पताल लाया गया जिसे डॉक्टर हेमंत कुमार ने देखने के बाद उस बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

बच्चे मृत होने की बात सुनते ही परिवार के लोगो ने चिल्लाने लगे तथा वहा काफी भीड़ जुट गयी।वही मृत्य बच्चे की पहचान सरायरंजन थाना क्षेत्र के बरुणा रसलपुर निवासी विनोद सहनी के तीन वर्षीय पुत्र रोशन कुमार के रुप में किया गया है।वही विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिरसी गाँव निवासी हरेराम यादव के चार वर्षीय पुत्र नीतीश कुमार के रुप में किया गया है।विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर निवासी पप्पु दास के पुत्री तीन वर्षीय विभा कुमारी के रुप में किया गया है।

विभूतिपुर थाना क्षेत्र के आलमपुर निवासी राम पुकार दास के दस वर्षीय पुत्र शिवम कुमार के रुप में किया गया है।मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लगुनिया सुर्यकंठ निवासी सुबोध कुमार पासवान के दो वर्षीय पुत्र देवराज कुमार के रुप में किया गया है।सोमवार को पूसा थाना क्षेत्र के माधोपुर छपरा निवासी राजेश पासवान की चार वर्षीय पुत्री अन्नु कुमारी के रुप में पहचान किया गया है।इस चमकी बुखार बीमारी से आये दिन जिले में बच्चे बीमार हो रहे हैं।वहीं प्रशासन तमाशबीन बनकर सिर्फ मौत का खेल देखने में लगी हुई है।अब देखना है कि कब तक जिला प्रसासन चमकी बीमारी से हो रहे बच्चो की मौत का खेल देखते रहेंगे या उस चमकी बीमारी से मर रहे बच्चे को जान बचाने का काम करेंगे।

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