राज्यपाल की अध्यक्षता में राजभवन में कुलपतियों की बैठक आयोजित,दिए कड़े निर्देश

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पटना से राकेश कुमार गुप्ता
पटना:महामहिम राज्यपाल सह-कुलाधिपति श्री लाल जी टंडन की अध्यक्षता में आज राज्य के विश्वविद्यालया के कुलपतियों की बैठक राजभवन सभागार में सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य मे  उच्च शिक्षा के विकास-प्रयासों को गति प्रदान करने एवं पूर्व में लिए गए निणर्यों की कार्यान्वयन-स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा कि राज्यों में विश्वविद्यालयीय शिक्षा-व्यवस्था मे सुधार-प्रयासों को गति प्रदान करने में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नही किया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि सभी कुलपतियों से यह अपेक्षा  की जाती है कि व अपने पद की गरिमा के अनुरूप विश्वविद्यालयों में शिक्षण-व्यवस्था में सुधार-प्रयासों को पूरी गंभीरता ,पारदर्शिता और तत्परतापूवर्क कार्यान्वित करेंग । राज्यपाल ने  कहा कि पिछले दिनों लिए गये महत्वपूर्ण ठोस-निण र्यों से जिन सुधारों की शुरूआत हो चुकी है, उन्हें गति प्रदान करना बेहद जरूरी है ।

राज्यपाल ने अत्यन्त सवेदनशीलता से कुलपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कुलपति के विरूद्ध करवाई कर के प्रसन्न नहीं होंगे ,परन्तू अगर व्यापक शिक्षा-हित और कार्यहित में उन्हें अगर कठोर निर्णय भी लेने पड़े तो वे हिचकेंगे नहीं । राज्यपाल ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के वक्तव्य को उद्धृत करते हुए कहा कि बापु  कहते थे कि ‘उनका जीवन ही उनक दर्शन । कुलपतियों को भी अपने पद की गरिमा के  अनुरूप ऐसा ही आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज संसाधनों की कोई कमी नहीं है । सभी योजनाओं के  कार्यान्वयन के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। विश्वविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मिया के नियमित वेतन -भुगतान तथा सेवात लाभ के मामला के निष्पादन हेतु भी पर्याप्त राशि उपलब्ध है।

ऐसी परिस्थिति में योजनओ कार्यान्वयन एव नियमित वेतन और सेवान्त लाभ के मामला  में भुगतान में अनपेक्षित विलम्ब को हरगिज नही बर्दाश्त किया जायेगा। राज्यपाल ने पैंशन  अदालतें’ लगाते हुए पूरी सवेदनशीलता के साथ सेवान्त लाभ मामलों से जुड़े भुगतान सुनिश्चित करन  के लिए सभी कुलपतियों को निर्देशित किया। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध-गतिविधिया को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नवाचारीय प्रयोगो के तहत प्रय्तेक विश्वविद्यालय एव महाविद्यालय को कुछेक गाँवों को गोद लेकर वहां साक्षरता, नशा-उन्मूलन, दहेज प्रथा- उन्मूलन, स्वच्छता-अभियान, व ृक्षारोपण, कन्या-भ्रूण हत्या-निष ेध, कन्या-शिक्षा आदि सामाजिक सुधार के कार्यक्रम को कायार्न्वित कराने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि एन॰सी॰सी॰/एन॰एस॰एस॰ आदि के जरिये विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के विद्याथी र् समाज-कल्याण एव सरकारी विकास-योजनाए से जुड़े कार्य गोद लिए हुए गाँवों में विशेष रूप से संचालित करा सकते है |

राज्यपाल श्री लाल जी टंडन ने कहा कि ‘बायोमट्रिक हाजिरी’ व्यवस्था के उपकरणों के जरिये  प्राप्त आँकड़ों का विशलेषण राजभवन एवं शिक्षा विभाग के स्तर पर हो, यह बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्ग-अध्यापन में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरूद्ध कार्रवाई के अंतिम  परिणति तक पहुंचने के लिए सभी कुलपतियों को सक्रिय होना होगा। राज्यपाल ने कहा कि ‘बायोमैट्रिक संयत्र’ केवल शोभा के उपकरण नही होने चाहिए, उनसे अपेक्षित आँकड़े और
परिणाम प्राप्त हो रहे है , तभी संबधित एजेन्सियो के भुगतान होना चाहिए। राज्यपाल ने बैठक में निर्देशित किया कि जो कुलसचिव या वित्तीय सलाहकार या वित्त पदाधिकारी विकास-योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमित ढंग से अडंगा लगा रहे हों, उनके विरूद्ध कार्रवाई हेतू प्रस्तावित किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि वित्तीय अनुशासन और प्रबधन हर हालत में सुनिश्चित कराया जाना चाहिए। राज्यपाल ने न्यायिक मामला में भी विश्वविद्यालयों के ठीक ढंग से अपनी न्यायसंगत बातो को न्यायालयों में रखने का सुझाव दिया। बैठक में राज्यपाल ने कहा कि यु॰जी॰सी॰ एव अन्य सभी केन्द्रीय एजेन्सियाँ हर तरह से बिहार के विश्वविद्यालयों को मदद करने लिए तैयार है|और अब विश्वविद्यालयों का यह दायित्व बनता है कि वे सजगता और तत्परतापूर्व के विभिन्न केन्द्रीय एजेंसीज एव राज्य सरकार
से अपनी जरूरतों के मुताबिक प्रशासनिक एव वित्तीय सहयोग प्राप्त करे । बैठक में राज्यपाल श्री टंडन कहा कि यह संतोषजनक है कि राज्य मे विभिन्न विश्वविद्यालय अपने स्तर से भी नवाचारीय प्रयोग कर रहे है। आज की बैठक में यह निणर्य लिया गया कि ‘ NAAC Accreditation* (नैक प्रतिययन) हेतू 31 मार्च, 2019 तक सभी संबधित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय ‘आल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन’ (AISHE-ID) में अपना SSR‘ (Self Study Report) दाखिल करते हुए अपनी आई॰डी॰ प्राप्त करने हेतू अपेक्षित कार्रवाइ करेगा । बैठक मे यह भी निणर्य लिया गया कि UMIS (यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट इनफॉर्मेशन सिस्टम) के कार्यान्वयन हेतु आवश्यक सभी प्रक्रिया इस
माह अविलम्ब प ूरी कर ली जाएगी ताकि उसके सभी प्रमुख घटकों का े शैक्षिक सत्र 2019-22 से लाग ू किया जा सके। बैठक में निर्णय हुआ कि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा एव जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, आदि में भी ‘दीक्षांत समारोह’ के आयोजन हेतु शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जायेगी । बैठक में यह तय हुआ कि जय प्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा, बी॰आर॰ए॰ बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर तथा मगध विश्वविद्यालय, बोधगया आदि विश्वविद्यालय शीघ अपनी लंबित परीक्षाएँ लेकर परीक्षाफल प्रकाशित करेंगे ।
बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर॰के॰ महाजन ने कहा कि उच्च शिक्षा के विकास के लिए हरसंभव प्रयास किये जा रहे है और उसके बेहतर  परिणाम भी सामने आ रहे है । बैठक म ें राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री विवेक कुमार सिंह न कहाकि नैक मूल्याकन, बायामैट्रिक हाजिरी, महाविद्यालयों के सतत निरीक्षण, यू॰एम॰आई॰एस॰ का कार्यान्वयन, प्रयोगशाला एव पुस्तकालयो की स्थिति में सुधार, विश्वविद्यालय एव महाविद्यालय परिसरों का सौन्दर्यीकरण आदि कार्योकलापो को प्राथमिकताप पूर्वक कराया जाना चाहिए। उन्होंने कुलाधिपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय/महाविद्यालय परिसर मे सोलर लाइर्ट की व्यवस्था,ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं वर्षाजल की निकासी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का
अनुरोध किया।

बैठक में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के अतिरिक्त राज्यपाल के परामशीर् (उच्च शिक्षा) प्रो॰ आर॰ सी॰ सोबती, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव श्री सतीशचन्द्र झा, राज्यपाल सचिवालय के ओ॰एस॰डी॰ (न्यायिक) श्री फूलचंद चौधरी, संयुक्त सचिव श्री विजय कुमार सहित अन्य कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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