बहुत गहरे है हरिपुर गांव के उपेक्षा के जख्म ,चलो गांव की ओर…

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– जिला मुख्यायल से नहीं जुड़ सका गांव का सड़क
– बालू उठाव के कारण चार साल भी नहीं टिक सका बाइपस सड़क

 शिक्षा के साथ स्वास्थ्य की सुविधा में भी लचर रहा गांव
बांका : राज्य की सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए लगतार योजनाएं चलाकर लोगों तक सुविधा पहुंचा रही है। नीतीश कुमार की सरकार भी हर गांव तक सड़क और शिक्षा के लिए स्कूल को चकाचक करने की घोषणा कर रही है। पर जिला से महज 10 किलोमीटर दूरी पर अवस्थित करमा पंचायत का करीब तीन हजार की आबादी वाला हरिपूर गांव अब भी मुलभूत समस्या से जुझ रहा है। सरकार ने लॉकडाउन के बाद अनलॉक वन में लोगों को छूट दे रखी है। पर सड़क की असुविधा ने उन्हें जाने से नहीं दे रहे है। गांव में पूरी तरह से लॉकडाउन तक लग जाता है। जब हल्की भी बारिश हो जाए। बारिश होने के बाद करीब सात दिनों के लिए गांव का संपर्क जिला मुख्यायल से टूट जाता है। जरूरत पड़ने पर लोग कीचड़ में घुस पैदल यात्रा करते है।

गांव को मुख्य मार्ग से जुड़ने वाला दोनों सड़क बना बालू का बलि

गांव को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए सड़क नहीं है। पर रजौन और बाराहाट को जोड़ने वाली बाइपास से लोग आवागम करते है। इसके अलावा बिंडी से हरिपुर के लिए भी नहर के रास्ते से इस गांव के लोग मोटरसाइकिल और पैदल आवागम करते है। पर बालू कोरोबारियों के कारण सड़क और नहर के रास्ते की स्थिति भयावह हो गई है। बाइक तो दूर पैदल भी चलना मुश्किल हो गया है। करीब 10 पहले प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सांसद गिरीधारी यादव ने सड़क का निर्माण करया था। पर वे समय से पहले ही खत्म हो गया। समय पर सड़क की मरम्मती नहीं होने के बाद पता भी नहीं चलता है कि सड़क का निर्माण हुआ है। वर्तमान समय में सड़क पर ट्रैक्टर का लीक में पानी भरा हुआ है। पर गरिीधारी यादव के सांसद बनाने पर फिर से लोगों की सड़क के लिए उम्मीद जगी है।

तीन कमरे में सिमट गया मध्य विद्यालय
गांव में बच्चों की शिक्षा के लिए मध्य विद्यालय है। पर वहां भी सुविधाओं का घोर अभाव में सिर्फ तीन कक्षा और तीन शिक्षक के भरोसे में एक सौ से अधिक छात्र-छात्राएं शिक्षा ले रही है। जबकि मध्य विद्यालय पास करने के बाद हाईस्कूल की पढ़ाई करने के लिए पंचायत से बाहर लोगों को जाना पड़ रहा है। गांव के बच्चे कमलपुर हाईस्कूल में नामांकन कराकर पड़ते है।पर उस गांव के लिए भी गांव से सड़क की सुविधा नहीं है।

खटिया एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचते है रोगी
गांव के लोगों का प्राथमिक उपचार के लिए पंचायत स्वास्थ्य उपकेंद्र बिंडी है। पर उस गांव के लिए भी जाने के लिए सड़क की सुविधा नहीं है। नहर के बांधे के सहायता से लोग उस गांव तक पहुंच पाते है। पर बरसात के मौसम में घटिया एम्बुलेंस की मदद से ही लोगों को अस्पताल पहुंचाया जाता है।
क्या कहते है ग्रामीण

ग्रामीण वार्ड सदस्य धनंजय यादव, नकूल राय, शीला देवी, सागर कुमार, प्रीतम कुमार आदि ने बताया कि सड़क नहीं होने की वजह से लोगों को बरसात के मौसम में पैदल चलने में भी समस्या उत्पन्न हो रही है। आने जाने से लेकर बच्चों तक की पढ़ाई इसके लिए बाधा बनी हुई है। खासकर बरसात का पूरा महीना जिला मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है।

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कमल कुमार मांझी, मुखिया करमा कहते है हरिपुर के लोगों को सड़क की समस्या है। पर पंचायत स्तर से इतनी बड़ी सड़क का निर्माण संभव नहीं है। सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री सड़क योजना से ही संभव है। जिसके लिए माननीय सांसद और विधायक महोदय को ग्रामीणों के द्वारा आवेदन दिया गया है।

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siwan
Farbisganj
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