अजगैवीनाथ साहित्य मंच सुलतानगंज की ओर से भगवान प्रलय के निधन पर किया गया श्रद्धांजलि अर्पित

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सुलतानगंज: अंग महाजनपद के कवि व अंगिका गीत रचयिता भगवान प्रलय का असमायिक निधन हो गया. अजगैवीनाथ साहित्य मंच सुलतानगंज की ओर से निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया. मंच के अध्यक्ष साहित्यकार भवानन्द सिंह प्रशांत ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अंगिका भाषा के अद्वितीय कवि भगवान प्रलय का निधन सम्पूर्ण अंग महाजनपद के लोगों के लिए भारी क्षति है.

अंग की पहचान को अपने लोक गीत के माध्यम से वैश्विक धरातल पर नया बिंब प्रस्तुत किया. वहीं मंच के संस्थापक सदस्य डॉ श्यामसुंदर आर्य ने कहा कि प्रलय जी अंग की माटी से पनपे जमीनी गीतकार थे. वहीं अंगिका कवि सुधीर कुमार प्रोग्रामर ने उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताते हुए अंगिका के मील का पत्थर का विलीन होना बताया. अंगिका के कवि मनीष कुमार गूंज ने प्रलय के साथ कई मंच साझा करने को याद करते हुए उन्हें अंगमहाजनपद का सच्चा सपूत बताया. अंगिका के वरिष्ठ कवि हीरा प्रसाद हरेंद्र ने कहा कि अब दूसरा प्रलय विरले ही होंगे.उनकी रचना में गांवों की झलक मिलती थी. कवियत्री उषा किरण साहा ने कहा कि भगवान प्रलय का जाना हमारी अंग संस्कृति में अंगिका भाषा के लिए भारी नुकसान है. सुलतानगंज के विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने निधन से अपूरणीय क्षति बताया.

पूर्व विधायक सुबोध राय ने व्यक्तिगत नुकसान बताया. जबकि हीरा प्रसाद हरेंद्र,डॉ अमरेन्द्र,साथी सुरेश सूर्य, त्रिलोकी नाथ दिवाकर, रामस्वरूप मस्ताना,डॉ राजेंद्र मोदी के अलावे कई अंगिका प्रेमियों ने साहित्य जगत के लिए नुकसान बताया. श्रद्धांजलि देने वालों में ब्रह्म देव बंधु,प्रदीप पाल,दिलीप कुमार सिंह दीपक,शत्रुघ्न आर्य,कुणाल कनौजिया कुनीज,रामस्वरूप मस्ताना,रोशन भारती,अमरेंद्र कुमार, कवि भानू कुमार आदि शामिल है.

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