जेवियर विश्वविद्यालय को मिला यूजीसी मान्यता

Rakesh Gupta
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  • जेवियर विश्वविद्यालय, दीघा घाट, पटना को यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 2(एफ) के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया।
  • संत जेवियर्स की शैक्षणिक परंपरा अब विश्वविद्यालय के रूप में विकसित।
  • 29 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शिलापट्ट अनावरण एवं उद्घाटन।
  • रूडी ने कहा, यह उपलब्धि देश-विदेश के जेवियर्स परिवार के लिए गर्व का विषय है; विश्वविद्यालय शिक्षा व सामाजिक समरसता का सशक्त केंद्र बनेगा।
  • रूडी ने कहा, इन संस्थानों ने देश को अनेक विद्वान और प्रशासक दिए, जिन्होंने भारत का गौरव बढ़ाया।
  • फादर ए. क्रिस्टु सावरिराजन की पहल को ऐतिहासिक सफलता।
  • संत माइकल, नोट्रेडम सहित संस्थान अब विश्वविद्यालय संरचना के अंतर्गत।
    *• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत संकल्प के अनुरूप शिक्षा क्षेत्र में सशक्त पहल

छपरा।सारण संसदीय क्षेत्र के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने पटना स्थित जेवियर विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा अधिनियम की धारा 2(एफ) के अंतर्गत सूचीबद्ध किए जाने पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे बिहार के शैक्षणिक इतिहास की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।


सांसद श्री रूडी ने कहा कि संत जेवियर्स की गौरवशाली परंपरा आज विश्वविद्यालय के रूप में विकसित होकर एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही है। यह केवल एक संस्थान की प्रगति नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों की उस परंपरा का विस्तार है, जिसने पूरे भारत में अनेक विद्वानों, शिक्षाविदों और राष्ट्रनिर्माताओं को तैयार किया है।

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उन्होंने बिहार सरकार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विशेष रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के दूरदर्शी नेतृत्व, सकारात्मक सहयोग एवं शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। श्री रूडी ने स्मरण कराया कि 29 मार्च 2025 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी द्वारा जेवियर विश्वविद्यालय, पटना के शिलापट्ट का अनावरण एवं फीता काटकर उद्घाटन किया गया था, जो आज साकार रूप में प्रदेश के सामने है।
सांसद ने फादर ए. क्रिस्टु सावरिराजन को विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों एवं दूरदृष्टि के परिणामस्वरूप यह ऐतिहासिक सफलता संभव हो सकी है। उन्होंने संत माइकल, नोट्रेडम सहित सभी संबद्ध विद्यालयों के प्रबंधन, शिक्षकों एवं देश-दुनिया में प्रतिष्ठित पूर्व विद्यार्थियों को भी इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ दीं।


श्री रूडी ने कहा कि एक सांसद के रूप में तथा संत माइकल से जुड़े अपने दीर्घ सार्वजनिक जीवन के अनुभव के आधार पर वे इस शैक्षणिक परंपरा की उत्कृष्टता के साक्षी रहे हैं। इन संस्थानों से देश को अनेक प्रतिभाशाली विद्वान, प्रशासक और शिक्षाविद प्राप्त हुए हैं, जिन्होंने भारत का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी द्वारा अधिनियम की धारा 2(एफ) के अंतर्गत सूचीबद्ध किया जाना इस विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मान्यता प्रदान करता है तथा इसे निर्धारित मानकों, गुणवत्ता मापदंडों एवं विनियमों के अनुपालन के साथ उच्च शिक्षा प्रदान करने का अधिकार देता है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के “विकसित भारत” के संकल्प तथा नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप बिहार में ज्ञान, शोध और कौशल आधारित शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेगी।
अंत में सांसद श्री रूडी ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल पटना या बिहार के लिए, बल्कि संत माइकल और जेवियर्स परिवार से जुड़े देश-दुनिया के लाखों विद्यार्थियों के लिए गर्व का क्षण है और आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध और सामाजिक समरसता का एक सशक्त केंद्र बनेगा।

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