गोपालगंज: सऊदी से लौटा था युवक, गोरखपुर में हुआ नशाखुरानी गिरोह का शिकार

आईसीयू में तीन दिनों तक तड़पता रहा, चौथे दिन तोड़ा दम

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पंचदेवरी- घटना स्थानीय प्रखंड के महुआवा गांव के कोटवा टोला की बताई जा रही है। जहां के मुसाफिर अंसारी नाम के एक व्यक्ति की जान गोरखपुर के नशाखुरानी गिरोह ने ले ली है। बताया जा रहा है कि गाँव के हाकिम अंसारी के बेटे मुसाफिर लगभग 14 वर्षों से विदेश रह रहे थे। वे प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी दो वर्ष के अंतराल पर सकुशल वतन लौट रहे थे। इस बार भी वे हजारों कोस पार कर अपने वतन तो पहुंच गए पर घर न पहुंच सके। पहुंचा तो सिर्फ एक बड़ा ही दुखद संदेश, जिसके पहुँचते ही पिता हकीम अंसारी के पैरों तले जमीन खिसक गई।

परिजनों के मुताबिक गत 12 तारीख को ही मुसाफिर सऊदी से भारत के लिए चले थे। उन्होंने दिल्ली पहुंच कर घरेलू विमान सेवा से गोरखपुर की टिकट ली थी। जिससे वे तेरह तारीख के दिन के लगभग 2:30 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट पर पहुंच भी गए थे। गोरखपुर एयरपोर्ट पर पहुंच कर उन्होंने अपने बेटे नवाब अंसारी से फोन पर बात करते हुए कहा था कि मैं सकुशल गोरखपुर पहुंच गया हूं। मैंने एक टैक्सी कर ली है और मैं कुछ ही घंटों में घर भी पहुंच जाऊंगा। लेकिन नियति को तो कुछ और ही मंजूर थी। स्थानीय संवाददाता से बात करते हुए मुसाफिर के छोटे भाई इद्रीश ने बताया कि तेरह तारीख को दिन के तकरीबन 4:00 बजे मेरे मोबाइल पर एक अनजान नंबर से बड़ी ही दुखद सूचना मिली।

किसी ने कहा कि आपके परिवार के किसी सदस्य को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में एडमिट कराया गया है। आप आकर भेंट कर लें। परिजन अफरा-तफरी में किसी भी तरह गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से घटना की जानकारी लेनी चाही तो प्रबंधन ने कहा कि मुसाफिर लावारिश अवस्था में गोरखपुर और हाटा के बीच यादव ढाबा के पास तड़पते हुए मिले थे। किसी विद्यालय के बच्चे ने 108 नंबर पर कॉल कर घटना की सूचना दी थी। अस्पताल में घंटों इलाज चलने के बाद डॉक्टरों ने मुसाफिर को वहां से रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजनों द्वारा उन्हें वहीं के सीटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया पर वहां भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इद्रीश ने कहा कि पूरे शरीर में जहर फैल चुका था। शरीर में कई जगह चोट के भी निशान थे।

आखिरकार तीन दिनों तक आइसीयू में तड़पने के बाद 16/08/2019 यानी शुक्रवार को दिन के करीब दस बजे मुसाफिर ने दम तोड़ दिया। साथियों यह तो हो गई होनी की बात! मुसाफिर को इसी तरह दुनिया से अलविदा कहना था और वह अलविदा कह भी गए पर आप इस घटना से हो जाइए सावधान! ऐसी घटना आप के भी साथ घट सकती है! आप कहीं भी सफर कर रहे हों, खासकर किसी टैक्सी वगैरह में तो सबसे पहले आप इसकी सूचना पुलिस को जरूर दें। साथ ही टैक्सी की पंजीकृत संख्या जो गाड़ी के पीछे लिखी होती है। इसकी जानकारी अपने परिजनों को भी अवश्य दे दें। ताकि किसी भी प्रकार के अप्रिय घटना घटे तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके।

रिपोर्ट:- रंजीत मिश्रा
पंचदेवरी (गोपालगंज)

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siwan
Farbisganj
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