गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम से की मुलाकात, BCCI अध्यक्ष व सचिव भी रहे मौजूद BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास और सचिव देवजीत सैकिया की मौजूदगी में खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
नई दिल्ली। इंग्लैंड का सफल दौरा कर स्वदेश लौटी भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम और डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (DCCI) के पदाधिकारियों से देश के माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के जज्बे, मेहनत और देश के लिए सम्मान हासिल करने की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।इस महत्वपूर्ण अवसर पर BCCI के अध्यक्ष श्री मिथुन मन्हास जी और BCCI के सचिव श्री देवजीत सैकिया जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता और बढ़ा दी। दोनों ने भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन और प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
उनका समर्थन और प्रोत्साहन पूरी टीम के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत बना।मुलाकात के दौरान DCCI के चेयरमैन (कॉरपोरेट अफेयर्स एंड कम्युनिकेशन) श्री राजेश भारद्वाज, DCCI के जनरल सेक्रेटरी श्री रवि चौहान तथा व्हीलचेयर क्रिकेट इंडिया एसोसिएशन (WCIA) के अध्यक्ष एवं DCCI के जॉइंट सेक्रेटरी स्क्वाड्रन लीडर अभय प्रताप सिंह (सेवानिवृत्त) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।गृह मंत्री अमित शाह ने खिलाड़ियों से बातचीत कर उनके इंग्लैंड दौरे और India-England Men’s Mixed Disability T20I Series 2026 के अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भारतीय दिव्यांग खिलाड़ियों का संघर्ष, दृढ़ संकल्प और देश के लिए सम्मान हासिल करने का जज्बा भारत के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर DCCI के जनरल सेक्रेटरी रवि चौहान ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम से मुलाकात करना पूरे दिव्यांग क्रिकेट परिवार के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि देश के गृह मंत्री, BCCI अध्यक्ष और सचिव का खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना दिव्यांग क्रिकेट को मुख्यधारा में मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रवि चौहान ने कहा कि दिव्यांग क्रिकेटर अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। DCCI का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाशाली दिव्यांग क्रिकेटरों को तलाशना, उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय दिव्यांग क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।उन्होंने कहा, “दिव्यांग क्रिकेट अब सहानुभूति का नहीं, बल्कि प्रतिभा, संघर्ष, सम्मान और उपलब्धि का प्रतीक है। गृह मंत्री जी, BCCI अध्यक्ष एवं सचिव की ओर से मिला प्रोत्साहन हमारे खिलाड़ियों के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आया है। हमें विश्वास है कि भारतीय दिव्यांग क्रिकेट आने वाले समय में देश का गौरव और बढ़ाएगा।”
