अंकित सिंह,भरगामा (अररिया):भूमि विवाद पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई है। चंद जमीन के टुकड़े के लिए लोग अपनों को हीं मौत की निंद सुला रहे हैं। फिलहाल भरगामा थाना क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर मारपीट व हत्या के मामले में तेजी से वृद्धि हो रही है। भूमि विवाद की आग में भरगामा थाना इलाके के लोग कब तक झुलसते रहेंगे…? भूमि विवाद में कब तक भरगामा प्रखंड क्षेत्र की धरती रक्त रंजीत होती रहेगी…? कब तक गरजती रहेगी बंदूकें,कब तक उजड़ती रहेगी मां बहने की सिंदूरे…? जैसी कई सवाल का जवाब यक्ष प्रश्न बन रहा है। बताते चलें कि भरगामा थाना क्षेत्र के लोग विगत कई वर्षों से भूमि विवाद की आग में झुलस रही है।
यहां भूमि विवाद का मामला सुलझने के बजाय दिनों-दिन उलझता हीं नजर आ रहा है। भरगामा थाना क्षेत्र के लोगों का कहना है कि थाना और अंचल स्तर की संयुक्त जनता दरबार में राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मी बिचौलिए की मिलीभगत से मोटी रकम वसूलने के फेर में जानबूझकर भूमि विवाद का मामला उलझाकर रखते हैं।भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प का आंकड़ा केस स्टेडी: 01. वर्ष 2023 में रधुनाथपुर पंचायत के गोठ गांव में 01 एकड़ 12 डिसमिल जमीन को लेकर परमेश्वरी यादव व कृष्णमोहन यादव के बीच दिन दहाड़े हलवे हथियार से लैस होकर हिंसक झड़प हुई थी। दोनों पक्ष के बीच दर्जनों राउंड गोली भी चली थी। जिसमें एक पक्ष के चन्द्रमोहन यादव के छाती में पांच गोली लगने के बाद घटनास्थल पर हीं उनकी मौत गई थी।
उसी भूमि विवाद की घटना में माधव यादव के पेट में गोली लगी। जिसकी मौत अस्पताल में हो गई। अशोक यादव के आंख में गोली लगी जिससे उनकी आंख सदा के लिए बंद हो गई। केस स्टेडी: 02. रधुनाथपुर उत्तर पंचायत में वर्ष 2022 में चन्देश्वरी ऋषि बनाम दयानंद यादव के बीच भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प हुई। हिंसक झड़प में चन्देश्वरी ऋषि को गोली लगने से घटना स्थल पर हीं मौत हो गई। रघुनाथपुर पंचायत के गोठ गांव में हीं अभिनंदन यादव व रमेश यादव के बीच भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प में बीच बचाव करने गए ट्रैक्टर चालक फूलचंद यादव के गला में तीर लगा जिससे उनकी मौत घटनास्थल पर हीं हो गई थी।केस स्टेडी: 03. पैकपार पंचायत के पोठिया गांव में वर्ष 2024 में 01 एकड़ 20 डिसमिल जमीन को लेकर भैयालाल यादव व चंदन यादव के बीच भूमि विवाद को लेकर अंधाधुंध फायरिंग किया गया था। जिसमें परमानंद यादव के पेट में पांच गोली लगने के बाद उनकी मौत घटनास्थल पर हीं हो गई।
केस स्टेडी: 04. वर्ष 2017 में मनुल्लाहपट्टी पंचायत के वार्ड संख्या 12 में बौआ यादव व चन्देश्वरी ऋषिदेव के बीच भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प में चन्देश्वरी ऋषि को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।केस स्टेडी: 05. वर्ष 2025 के जुलाई महीने में तीन एकड़ 62 डिसमिल जमीन को लेकर विषहरिया पंचायत में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसमें दर्जनों राऊंड फायरिंग दोनों पक्षों ने किया था। इस घटना में 18 वर्षीय गुलहयात की मौत पेट में तीर लगने से हो गई थी। जबकि आधा दर्जन व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया था। बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर पुलिस प्रशासन के पहुंचने के बाद आक्रोशित दोनों पक्ष के लोगों ने पुलिस प्रशासन को खदेड़ दिया था। पुलिस किसी तरह जान बचाकर घटनास्थल से भाग खड़े हुए थे। गुस्साए लोगों ने पुलिस वाहन को भी तोड़फोड़ कर दिया था। केस स्टेडी: 06. वर्ष 2025 में आदि रामपुर पंचायत में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के हिंसक झड़प में माने शर्मा का बीस वर्षीय पुत्र की हत्या सर पर रड से प्रहार कर किया गया था।
केस स्टेडी: 07. वर्ष 2025 के 29 अगस्त को भरगामा थाना क्षेत्र के धनेश्वरी पंचायत के नवटोल गांव में पंचायत समिति सदस्य गुड्डू यादव व नयन यादव के बीच वर्षों से भूमि विवाद में बीते शुक्रवार की रात्रि को जयकुमार यादव के कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि दुसरे पक्ष के नयन यादव को घर में जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई।
क्या कहते हैं कानून के जिम्मेदार….?फारबिसगंज डीएसपी मुकेश कुमार साह का कहना है कि पुलिस कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष रूप से अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रही है।गांव में आपसी-तालमेल नहीं होने के कारण बढ़ रहा है जमीनी विवाद : अधिवक्ता अधिवक्ता गणपत मेहता कहते हैं कि दुखद है कि चंद जमीन के टुकड़ों के लिए लोग अपने हीं रिश्तेदार और भाई-भतीजे के खुन के प्यासे बन रहे हैं।