डॉ० संजय ( हाजीपुर)-
जिले में 23 जनवरी को सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला समाहरणालय के पुष्करणी सभागार में जिला पदाधिकारी, वैशाली, वर्षा सिंह एवं पुलिस अधीक्षक, वैशाली, विक्रम सिहाग की संयुक्त अध्यक्षता में जिला शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यालय स्तर के सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, वहीं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी, वर्षा सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जिले में शांतिपूर्ण ढंग से मनाई जाए इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न स्थलों पर कुल 454 स्थानों पर दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में आयोजित बैठकों में यह निर्देश दिया जा चुका है कि जहाँ भी पूजा का आयोजन किया जाएगा, वहाँ प्रतिमा स्थापना, विसर्जन एवं जुलूस के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
बैठक के दौरान पूजा समितियों के अध्यक्षों से सरस्वती पूजा के आयोजन के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं की जानकारी ली गई तथा उन पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में जिन स्थानों पर प्रतिमाओं की स्थापना होती है, अतः सभी आयोजकों को लाइसेंस लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा। लाइसेंस में 15 से 20 वॉलंटियरों के नाम अंकित किए जाएंगे, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति में जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय की जा सके। विसर्जन एवं जुलूस का रूट एवं समय पूर्व से निर्धारित रहेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अब तक 10 से 12 डीजे जब्त किए जा चुके हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अश्लील गानों अथवा ऐसे वक्तव्यों, जिनसे किसी जाति, वर्ग या धर्म की भावना आहत होती हो, पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया गया कि एसडीआरएफ की टीम द्वारा सभी आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित की जाएँ। सभी नदी घाटों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा व्यवस्था एवं गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ ड्रोन कैमरे के माध्यम से भी विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।
सरस्वती पूजा छात्रों से जुड़ा पर्व होने का उल्लेख करते हुए जिला पदाधिकारी ने शांति समिति के सदस्यों से अपील की कि वे सामाजिक समरसता बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएँ तथा मूर्ति विसर्जन के समय पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देने की अपील की गई, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
इस अवसर पर बताया गया कि समाहरणालय स्थित पुष्करणी सभागार में जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष संख्या 06224-260220 है। नियंत्रण कक्ष में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं बल की प्रतिनियुक्ति की गई है तथा यह वरीय पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्य करेगा।
बैठक में पूजा पंडालों में आयोजकों द्वारा सीसीटीवी कैमरे लगाने, जुलूस के दौरान वीडियोग्राफी कराने तथा प्रतिमाओं के विसर्जन के समय किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संचार साधनों को सदैव सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही जिला मुख्यालय में इमरजेंसी ऑपरेशन केंद्र को पूरी तरह क्रियाशील रखने पर भी बल दिया गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता, जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
