राजस्थान बजट सत्र:जयपुर में हो रही सील की डील, बिना पैसे कुछ संभव नहीं,कांग्रेस MLA के बयान पर हंगामा

Rakesh Gupta
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(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर/राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान गुरुवार को दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा ने दौसा तहसीलदार पर मनमानी और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के मकान तोड़ने का आरोप लगाया। बैरवा ने कहा कि तहसीलदार वंचित तबके के लोगों के घरों को तोड़ रहा है और उनका व्यवहार भी आपत्तिजनक रहा है। उन्होंने कहा कि एक विधायक के साथ इस तरह का व्यवहार पूरे सदन के लिए चिंता का विषय है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। मामला उठाने के बाद बैरवा वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिस पर स्पीकर ने नाराजगी जताई। स्पीकर ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए बैरवा को अपनी सीट पर लौटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई की जा रही है और उचित कदम उठाए जाएंगे।

इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष ने व्यवस्था का प्रश्न उठाने की कोशिश की, जिस पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जताई। गर्ग ने स्पीकर से कहा कि शून्यकाल में व्यवस्था का प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। इसके लिए उन्होंने विधानसभा के नियमों का हवाला भी दिया।

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इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने उन्हें टोकते हुए कहा कि सत्ता बदलती रहती है आप भी कभी हमारी जगह पर बैठोगे, लेकिन विधायकों का सम्मान बना रहना चाहिए, ये सभी की जिम्मेदारी है। इस बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। सदन में कुछ देर तक हल्की नोकझोंक का माहौल बना रहा। अंत में स्पीकर ने बैरवा को अनुशासन में रहने की हिदायत देते हुए मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। गौरतलब है इससे पहले भी डीडी बैरवा सदन के बाहर इस मुद्दे को कई बार उठा चुके हैं, लेकिन तहसीलदार पर सरकार की तरफ से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

जयपुर में सील की डील हो रही, सदन में हंगामा’

राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक रफीक खान ने जयपुर में मकानों के पट्टों और सीलिंग कार्रवाई में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, जिससे सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। रफीक खान ने आरोप लगाया कि शहर में छोटे मकानों को सील किया जा रहा है, जबकि बड़े बंगलों को छूट दी जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मकानों पर कुछ लोग कैमरे लेकर पहुंचते हैं और बाद में सीलिंग के नाम पर ‘डील’ की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए यूडीएच मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे।

खान ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 14 लाख पट्टे दिए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार में बिना भ्रष्टाचार के न तो मकान बन पा रहा है, न नक्शा पास हो रहा है और न ही पट्टा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बिना पैसे दिए कोई व्यक्ति अपनी छत तक नहीं डाल सकता और एक भी मकान ऐसा नहीं है, जिसका पट्टा बिना लेन-देन के बन सके। उन्होंने कहा कि उनके पास इन आरोपों के समर्थन में सबूत हैं। इन आरोपों पर भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई और सदन का माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।

वित्त मंत्री दिया कुमारी 17 फरवरी को बजट पर चर्चा का देंगी जवाब

विधानसभा की कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) ने 19 फरवरी तक का कार्य कार्यक्रम तय कर दिया है। 12, 13, 16 और 17 फरवरी को बजट पर चर्चा होगी। 14 और 15 फरवरी को अवकाश रहेगा। 17 फरवरी को डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी बजट पर चर्चा का जवाब देंगी। वहीं 18 और 19 फरवरी को अनुदान की मांगों पर चर्चा के बाद उन्हें पारित किया जाएगा।

कांग्रेस विधायक ने लगाया योजनाएं बंद करने का आरोप

विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राजाखेड़ा से कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आ रहा।

बोहरा ने जयपुर में मेट्रो विस्तार और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर मेंटल हेल्थ जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई परियोजनाओं पर स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि कृषि उपज मंडी के लिए अब तक जमीन तक आवंटित नहीं की गई है।

विधायक ने आरोप लगाया कि कालीबाई भील स्कूटी योजना और देवनारायण योजना के तहत पिछले दो वर्षों से एक भी स्कूटी वितरित नहीं की गई। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप योजना को बंद कर दिया गया है, जिससे छात्रों को नुकसान हो रहा है।

सदन में ‘खेजड़ी बचाओ’ की गूंज

विधानसभा कार्रवाई के दौरान बायतु विधायक हरीश चौधरी ने खेजड़ी बचाओ आंदोलन का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि बीकानेर सहित प्रदेशभर में खेजड़ी वृक्षों को बचाने के लिए आंदोलन चल रहा है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार इस विषय पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।

सदन के बाहर भी तानाकशी

इधर सदन के बाहर भी सियासी बयानबाजी तेज रही। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने बजट को लेकर कहा कि जयपुर को बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन निराशा हाथ लगी। इस पर हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार अपने क्षेत्र जोधपुर के लिए भी कुछ खास नहीं कर पाई। दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। रफीक खान ने कहा कि जनता सब सुन रही है, जबकि भाजपा विधायक ने सरकार की उपलब्धियों का हवाला दिया।
राइट टू हेल्थ पर सदन में तीखी बहस, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

आज सदन की कार्रवाई शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने राइट टू हेल्थ कानून के नियमों को लेकर सवाल उठाया। इस पर जवाब देते हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि नियम पहले ही बनाए जा चुके थे और पूर्ववर्ती सरकार को व्यवस्था स्पष्ट करके जानी चाहिए थी। उन्होंने विपक्ष पर अधूरी प्रक्रिया छोड़ने का आरोप लगाया।

मंत्री के इस बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत विपक्षी विधायकों ने कड़ा विरोध जताया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे कुछ समय के लिए सदन का माहौल गरमा गया।

राजस्थान बजट सत्र: ‘जयपुर में हो रही सील की डील, बिना पैसे कुछ संभव नहीं’; कांग्रेस MLA के बयान पर हंगामा

राजस्थान विधानसभा की कार्रवाई आज सुबह 11 बजे प्रश्नकाल के साथ शुरू होगी। प्रश्नकाल में 19 तारांकित और 20 अतारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी से संबंधित विभागों के अलावा चिकित्सा, संसदीय कार्य, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पशुपालन और वन विभाग से जुड़े विषयों पर सवाल-जवाब होंगे।

सदन की कार्रवाई के दौरान कार्य सलाहकार समिति का प्रतिवेदन पटल पर रखा जाएगा। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग इसे सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसी के साथ आगामी दिनों में सदन में होने वाले कामकाज की रूपरेखा तय की जाएगी।

आज वित्त विभाग और वन विभाग की अधिसूचनाएं भी सदन में रखी जाएंगी। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर वित्त विभाग की 18 अधिसूचनाएं पेश करेंगे, जबकि मंत्री संजय शर्मा वन विभाग की 13 अधिसूचनाएं सदन में प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा सदन की मेज पर विभिन्न विभागों के वार्षिक प्रतिवेदन भी रखे जाएंगे।

विभिन्न विधायकों की ओर से आज सदन में जनहित याचिकाएं भी लगाई जाएंगी। इनमें आहोर नगर पालिका में फायर ब्रिगेड यंत्र उपलब्ध कराने, सिधमुख में रेलवे चेंज पर आरयूबी निर्माण, सेखाला ट्रॉमा सेंटर, उदयपुर डायट परिसर की भूमि को खेल मैदान के रूप में आरक्षित करने, पाली जिले के ऊंकली गांव में एसएलआर जल कनेक्शन, बगरू में गंदे पानी के नाले को गहरा कराने और नगर निगम ग्रेटर वार्ड-106 में सीवरेज लाइन निर्माण से संबंधित याचिकाएं शामिल हैं।

विधानसभा में आज से बजट 2026-27 पर चर्चा भी शुरू होगी। विधानसभा अध्यक्ष देवनानी बहस के लिए समय आवंटित करेंगे।

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