लक्ष्य से पीछे रहने वाले प्रखंडों को चेतावनी; शत-प्रतिशत कवरेज के लिए जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश
छपरा। सारण जिले में फ़ाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में चलाए जा रहे “सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम” की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ने बुधवार देर शाम उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। अभियान की वर्तमान स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपलब्धि पर नाराजगी और कड़े निर्देश
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 10 फरवरी से शुरू हुए इस अभियान के तहत जिले में अब तक लक्षित आयु वर्ग के मात्र 35 प्रतिशत लोगों को ही दवा खिलाई जा सकी है। विशेष रूप से छपरा शहरी क्षेत्र, एकमा, मढ़ौरा और मशरख में दवा सेवन की उपलब्धि 30 प्रतिशत से भी कम पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को माइक्रो प्लान के अनुरूप प्रतिदिन कारगर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया।
इवनिंग ब्रीफिंग और जवाबदेही तय
रणनीति को धार देते हुए जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रतिदिन शाम को अनिवार्य रूप से बीएलटीएफ की बैठक और ‘इवनिंग ब्रीफिंग’ आयोजित करें।और दिन भर की कमियों को चिन्हित कर अगले दिन की कार्ययोजना में सुधार किया जाए।
प्रगति की रिपोर्टिंग समयबद्ध और विधिवत तरीके से पोर्टल पर अपलोड की जाए।
सामुदायिक सहयोग और जागरूकता
जिलाधिकारी ने जोर दिया कि आशा, सेविका और सहायिका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो। उन्होंने ‘रिफ्यूजल’ (दवा लेने से मना करने) के मामलों पर त्वरित संज्ञान लेने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व जीविका दीदियों के सहयोग से लोगों को प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने पुनः दोहराया कि फ़ाइलेरिया की दवा पूरी तरह सुरक्षित है और गंभीर बीमारी से बचाव का एकमात्र उपाय है।इस बैठक में सिविल सर्जन, डीपीओ आईसीडीएस सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और बीडीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
