छपरा विधायक छोटी कुमारी ने नगर निगम के पिछले पाँच वर्षों के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों में व्याप्त भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए शहर की वर्तमान बदहाल स्थिति के लिए जिम्मेदार पूर्व मेयरों व पदाधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जाँच की मांग की है।
विधायक छोटी कुमारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि पिछले पाँच वर्षों में कुछ पूर्व मेयरों ने स्वयं को ‘विकास पुरुष’ और ‘मसीहा’ बताकर केवल अपनी छवि चमकाने का कार्य किया, जबकि धरातल पर सड़क, नाला और जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती गई। शहर के विकास के नाम पर अरबों रुपये का बजट खर्च दिखाया गया, फिर भी आज शहर नरकीय स्थिति में जीने को मजबूर है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विकास कार्यों पर इतना बड़ा बजट व्यय हुआ, तो फिर शहर में जलजमाव, टूटी सड़कें, गंदगी और अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है?
विधायक ने कहा कि अक्सर जनता बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए सांसद, विधायक को कटघरे में खड़ा करती है, जबकि नगर निगम के भीतर बैठकर भ्रष्टाचार करने वाले लोग पर्दे के पीछे छिपे रहते हैं। अब समय आ गया है कि उन वास्तविक चेहरों को बेनकाब किया जाए जिन्होंने छपरा की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।
उन्होंने पिछले पाँच वर्षों के दौरान स्वीकृत एवं पूर्ण किए गए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष तकनीकी जाँच और विस्तृत वित्तीय ऑडिट कराने की मांग की है, साथ ही दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।
विधायक छोटी कुमारी ने स्पष्ट किया कि जनता के पैसे की एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा और छपरा शहर के समुचित विकास के लिए पारदर्शिता एवं जवाबदेही हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।
