दवाओं के साथ अब पोषण का भी पहरा, डॉ. राजीव रंजन ने आठ मरीजों को लिया गोद*
छपरा। टीबी मुक्त भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए सारण जिले में ‘निक्षय मित्र योजना’ अब एक जनांदोलन का रूप ले रही है। जिले के जाने-माने चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन ने एक मिसाल पेश करते हुए आठ टीबी मरीजों को गोद लिया और उन्हें न्यूट्रिशन किट (फूड बास्केट) प्रदान की है।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद सिंह ने स्पष्ट किया कि बिना बेहतर पोषण के टीबी की दवाएं बेअसर साबित हो सकती हैं। कुपोषण ही इस बीमारी का सबसे बड़ा साथी है, जिसे पोषण से ही मात दी जा सकती है। बैठक में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इलाज के बीच में लापरवाही ड्रग रेजिस्टेंट टीबी का कारण बन सकती है, जो जानलेवा है।
सामाजिक एकजुटता की अपील- डीपीसी हिमांशु शेखर और टीबी चैंपियन शैलेन्द्र कुमार ने समाज से अपील की कि टीबी के मरीजों को तिरस्कार नहीं, बल्कि सहयोग और संबल की जरूरत है। इस मौके पर एसटीएस मुकेश कुमार और केएचपीटी संस्था के मोहम्मद ओज़ैर सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने मरीजों का मनोबल बढ़ाया।
