छपरा सदर। शनिवार को राष्ट्रीय सेवा योजना की चारों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में जय प्रकाश विश्वविद्यालय परिसर स्थित अतिथि गृह के आसपास स्वच्छता अभियान के अंतर्गत व्यापक सफाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर जे पी यू के कुलपति डॉ परमेंद्र कुमार बाजपेई ने अपना प्रेरणास्पद संदेश प्रेषित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल मंत्र “स्वयं से पहले दूसरों की सेवा”। समाज सेवा की सर्वोच्च भावना को अभिव्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि इस भावना को व्यवहारिक रूप देने का सबसे सशक्त माध्यम स्वच्छता अभियान है।
कुलपति ने महात्मा गांधी के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा — “स्वच्छता स्वतंत्रता से भी अधिक महत्वपूर्ण है।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता के इस स्वप्न को साकार करने में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एक सशक्त एवं जीवंत कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
यह अभियान केवल सफाई कार्य तक सीमित न होकर एक व्यापक सामाजिक संदेश का प्रतीक रहा है। यह संदेश कि हम अपने परिवेश के प्रति सजग, जिम्मेदार एवं सक्रिय नागरिक हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. हरिश्चंद्र तथा चारों इकाइयों के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. आलोक रंजन तिवारी, डॉ. जया कुमारी पाण्डेय, डॉ. आशुतोष द्विवेदी एवं श्री रितेश्वर नाथ तिवारी ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए स्वयंसेवकों का उत्साहवर्द्धन किया।
एनएसएस से जुड़ी छात्रा पूनम कुमारी एवं जितेंद्र कुमार राय ने इस अभियान के उद्देश्यों पर जानकारी दी तथा कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए इस अभियान पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।
इस अवसर पर डॉ विद्या भूषण श्रीवास्तव,ऐजाज खां, विवेक कुमार, धीरज मिश्रा, जितेंद्र राय, तपन कुमार सनी, सूरज कुमार राय, शिखा, रूपेश पिंकी, ज्योति, रुस्तम आलम अंसारी, शकील आलम, सुधीर कुमार, गिरिधर कुमार, रूपाली, राहुल, अभिषेक, पंकज यादव, अंकिता, ज्योति विकास, सत्यजीत, निभा, पूनम, कृष्ण, अर्चना, आभा, ममता, सिद्धार्थ सहित अनेक स्वयंसेवकों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ सहभागिता निभाई।
एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ आलोक रंजन तिवारी ने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल परिसर की स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सुदृढ़ करने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इस अभियान में लगे विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के एनएसएस समन्वयक के देखरेख में प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
