गैस की कमी नहीं, फिर भी 10 दिन इंतजार: जिला प्रशासन के दावे पर सवाल”
“कंट्रोल रूम सक्रिय, लेकिन एजेंसियों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान”
विभा इंडेन गैस एजेंसी से सबसे ज्यादा उपभोक्ताओं की शिकायतें मिल रही है
छपरा। जिला प्रशासन का दावा है कि एलपीजी गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और जिले में किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए 8 से 10 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जिला नियंत्रण कक्ष के अनुसार 4 अप्रैल 2026 तक कुल 602 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 567 का निष्पादन कर दिया गया है, जबकि 35 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि अधिकांश शिकायतें बुकिंग के बाद निर्धारित समय में डिलीवरी नहीं होने से संबंधित हैं। इसके लिए संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों के माध्यम से जांच कर समस्या के समाधान की बात कही जा रही है।
हालांकि, कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसियों पर स्थिति बिल्कुल अलग है। खासकर इंडियन गैस से जुड़े विभा उपभोक्ताओं की शिकायतें सबसे अधिक सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि 10 दिन पहले बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। जब वे एजेंसी कार्यालय पहुंचते हैं, तो संचालकों द्वारा “ऊपर से रोक” का हवाला देकर टाल दिया जाता है।
एक उपभोक्ता ने बताया, “हम पिछले 10 दिनों से गैस के लिए चक्कर लगा रहे हैं। हर बार यही कहा जाता है कि अभी सप्लाई नहीं आई है, जबकि कुछ लोगों को आसानी से गैस मिल जा रही है।” इससे एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पक्षपात व मनमानी के आरोप भी लग रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत होम डिलीवरी के माध्यम से ही गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जानी है और एजेंसी कार्यालय या गोदाम से सीधे वितरण पर रोक लगाई गई है। साथ ही, जिले की 69 गैस एजेंसियों पर निगरानी के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है तथा प्रतिदिन निरीक्षण भी किया जा रहा है।
नियमों के अनुसार, बुकिंग के 2 से 4 दिनों के भीतर उपभोक्ता को गैस सिलेंडर की आपूर्ति हो जानी चाहिए। इसके बावजूद 8 से 10 दिन तक की देरी यह दर्शाती है कि कहीं न कहीं व्यवस्था में खामी है या फिर एजेंसियों द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही है।
प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ अब तक 9 प्राथमिकी दर्ज की हैं और एक मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई भी जारी है। बावजूद इसके, उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रशासन लगातार निगरानी और कार्रवाई का दावा कर रहा है, तो फिर उपभोक्ताओं को समय पर गैस क्यों नहीं मिल रही? उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एजेंसियों की मनमानी पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए और एक स्पष्ट समयसीमा के तहत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
