छपरा :स्नातक सेमेस्टर–III के हालिया प्रकाशित परिणाम में व्यापक अनियमितता एवं संदिग्ध अंकन को लेकर सोमवार को आर.एस.ए. के बैनर तले छात्र-छात्राओं एवं कार्यकर्ताओं का तीव्र आक्रोश फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश मार्च निकालते हुए प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और बाद में कुलसचिव, डिस्टेंस एजुकेशन के निदेशक तथा परीक्षा नियंत्रक के कार्यालय का घेराव कर आंदोलन प्रारंभ किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर में आक्रोश मार्च से हुई, जिसमें आर.एस.ए. के कार्यकर्ता पूरे परिसर में घूमते हुए परीक्षा परिणाम में हुई कथित गड़बड़ी के विरोध में नारे लगाए। इसके बाद आंदोलनकारी छात्रों ने संबंधित अधिकारियों के कार्यालय के समक्ष घेराबंदी कर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्र नेता संरक्षक उज्जवल कुमार सिंह, आशीष यादव उर्फ गुलशन यादव एवं प्रमेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि सेमेस्टर–III के जारी परिणाम से स्पष्ट प्रतीत होता है कि उत्तर पुस्तिकाओं का समुचित मूल्यांकन नहीं किया गया है। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के ESE एवं CIA अंक समान दिए गए हैं, जो इस बात की ओर संकेत करता है कि बिना वास्तविक जांच के परिणाम तैयार किया गया है। अधिकांश छात्र-छात्राओं का परिणाम एक ही पैटर्न पर जारी होना विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान कुलपति एवं परीक्षा नियंत्रक के कार्यभार संभालने के बाद से विश्वविद्यालय में अव्यवस्था और मनमानी की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन केवल औपचारिक योजनाओं और कागजी प्रक्रियाओं तक सीमित है, जबकि छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। बिना उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किए अंक पत्र जारी करना छात्रों के साथ अन्याय ही नहीं, बल्कि शैक्षणिक व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ है। यह छात्रों के परिश्रम का अपमान है और उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
उन्होंने कहा कि हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ कर विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता। यदि समय रहते इस मामले में सुधार नहीं किया गया, तो यह शैक्षणिक व्यवस्था के लिए घातक साबित होगा। आर.एस.ए. ने चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन शीघ्र उच्चस्तरीय जांच कराकर त्रुटिपूर्ण परिणाम वापस नहीं लेता है, तो संगठन चरणबद्ध उग्र आंदोलन चलाने को बाध्य होगा इन मांगों में
. सेमेस्टर–III परिणाम की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए,
सभी छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए,
. CIA अंक देने की प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए,
. त्रुटिपूर्ण परिणाम वापस लेकर संशोधित परिणाम जारी किया जाए,
. दोषी अधिकारियों पर अविलंब कार्रवाई की जाए आदि प्रमुख रूप से शामिल है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अमरजीत पाल, नीरज, बिक्की, सौरभ सिंह, शुभम कुमार, रवि कुमार, काजल कुमारी, अंजली कुमारी, निक्की श्रीवास्तव, रमेश माझी, सुरेंद्र महतो सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
