शिक्षा व्यवस्था पर कड़ा फोकस: जिलाधिकारी ने की समीक्षा, 20 मॉडल स्कूलों में संसाधन बढ़ाने के निर्देश

Rakesh Gupta
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मिड-डे मील से लेकर आई सीटी लैब तक होगी सख्त निगरानी, एफएलएन व गुणवत्ता सुधार पर प्रशासन का जोर


छपरा। सारण समाहरणालय में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से चयनित 20 उच्च विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की दिशा में आवश्यक संसाधन प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

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जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मॉडल स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, शौचालय, चारदीवारी, लैब, पेयजल, लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही योग्य शिक्षकों की नियुक्ति और छात्रों के समग्र विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी के तहत कक्षा 4 से 6 के बच्चों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम अप्रैल-मई में चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही शिक्षकों के ओरिएंटेशन और मॉनिटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।


कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए, वहीं उप विकास आयुक्त को विद्यालयों में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया। जिन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, वहां संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।


जिले के 64 विद्यालयों में संचालित आईसीटी लैब के प्रभावी उपयोग और 169 अन्य विद्यालयों में नई लैब स्थापना की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता की नियमित जांच और अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी डीपीओ, बीडीओ एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे । जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

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