मृगांक शेखर सिंह: जमुई
जमुई में महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और न्याय तक सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को खैरा प्रखंड के ग्राम पंचायत घनवेरिया में ’सखी वार्ता सह नारी अदालत’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। केंद्र सरकार की ‘मिशन शक्ति’ योजना के तहत आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को नारी अदालत की अनूठी अवधारणा और कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया, जो उनके पारिवारिक एवं सामाजिक विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान और महिला अधिकारों की रक्षा का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है।
सखी वार्ता के दौरान उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा से सुरक्षा, बाल विवाह व दहेज प्रथा उन्मूलन, महिला उत्पीड़न की रोकथाम और साइबर अपराध से बचाव जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तारपूर्वक जागरूक किया गया। साथ ही, उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आत्मनिर्भरता और वित्तीय साक्षरता के महत्व को समझाते हुए सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर संकट के समय महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए जारी विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन सेवाओं जैसे महिला हेल्पलाइन (181), आपातकालीन सेवा (112), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) और एम्बुलेंस सेवा (108) की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
इस महत्वपूर्ण आयोजन में जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें महिला एवं बाल विकास निगम की जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. जुलेखा हसमत, जिला मिशन समन्वयक श्री मुकेश कुमार, वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ श्री विकास कुमार और वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर श्रीमती शालू सिन्हा प्रमुख रूप से शामिल थे। इनके अलावा स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और जीविका स्वयं सहायता समूह की दीदियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करने और महिलाओं को न्याय व सुरक्षा से जोड़ने के संकल्प के साथ इस सफल कार्यक्रम का समापन हुआ, जहाँ उपस्थित सभी महिलाओं ने समाज में समानता स्थापित करने के लिए सक्रिय सहयोग देने की शपथ ली।
