स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की 95वीं सालाना आम बैठक (AGM) में भारतीय क्रिकेट के विकास के साथ-साथ दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक में जनरल बॉडी ने राज्य क्रिकेट इकाइयों के साथ मिलकर दिव्यांग क्रिकेटरों की मदद के उपायों पर विचार किया।बैठक में दिव्यांग खिलाड़ियों के विकास और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक सुविधाओं, संसाधनों, प्रशिक्षण और अवसरों को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य इकाइयों के सहयोग पर जोर दिया गया। इस चर्चा को देश में दिव्यांग क्रिकेट को और मजबूत एवं व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दिव्यांग क्रिकेट के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय DCCI के महासचिव रविकांत चौहान ने भी देश में दिव्यांग क्रिकेट को व्यापक मंच देने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया है। उनके नेतृत्व में दिव्यांग क्रिकेट को संगठित स्वरूप देने तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर दिलाने की दिशा में विभिन्न पहल की गई हैं।
वहीं, बिहार में डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बिहार भी दिव्यांग क्रिकेटरों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता और सचिव रंजीत कुमार शर्मा के नेतृत्व में बिहार के दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों को बेहतर मंच, प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
BCCI की AGM में राज्य इकाइयों के साथ मिलकर दिव्यांग क्रिकेटरों की सहायता पर हुई चर्चा से बिहार सहित देशभर के दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों में नई उम्मीद जगी है।
यदि राज्य क्रिकेट संघों और दिव्यांग क्रिकेट संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, तो प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आवश्यक संसाधन और प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।दिव्यांग क्रिकेट से जुड़े खिलाड़ियों और संगठनों को उम्मीद है कि आने वाले समय में BCCI और राज्य क्रिकेट इकाइयों के सहयोग से दिव्यांग क्रिकेट के लिए सुविधाओं का विस्तार, प्रतिभाओं की पहचान और खिलाड़ियों के विकास को और गति मिलेगी।
