मृगांक शेखर सिंह/ जमुई
घटना में संलिप्त मुख्य आरोपी नंदन यादव पुलिस एनकाउंटर में घायल,
एसपी ने घटना का खुलासा किया.
जमुई के पुलिस कप्तान विश्वजीत दयाल ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि नंदन यादव को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. इसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी फायरिंग की गयी. इसमें नंदन यादव के दाहिने पैर में गोली लगी. घायल अवस्था में उसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज हेतु सदर अस्पताल लाया गया |
वीडियो वायरल करने के मामले में भी तीन गिरफ्तार
एसपी ने बताया कि नाबालिग छात्रा से संबंधित वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में भी कार्रवाई की गयी है. पुलिस के अनुसार रामाशीष चौधरी द्वारा वीडियो वायरल किया गया था और इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब वीडियो बनाने, उसे प्रसारित करने और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.पुलिस के अनुसार नंदन यादव और हरेराम यादव के पूर्व में अवैध बालू एवं शराब कारोबार से जुड़े होने की जानकारी भी मिली है. हालांकि, वर्तमान मामले में उनकी भूमिका और अन्य आरोपितों से संबंध की जांच साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है.एसपी ने कहा कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. वायरल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपितों की भूमिका को जोड़कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आयेगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जायेगी|
क्या है पूरा मामला:
19 सितंबर की शाम करीब सात बजे एक नाबालिग छात्र और छात्रा स्कूटी से जा रहे थे। मड़वा पहाड़ के पास 7-8 मनचलों ने उन्हें जबरन रोक लिया। प्रतापपुर निवासी ट्रैक्टर चालक नंदन यादव ने छात्रा के साथ घिनौना दुर्व्यवहार (बैड टच) किया। जब छात्र और छात्रा ने विरोध किया, तो आरोपितों ने दोनों की बेरहमी से पिटाई की।वायरल वीडियो में नंदन छात्रा को गोद में उठाकर गंदी हरकत करता भी नजर आया। मनचलों ने इस घिनौने कृत्य का मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला राष्ट्रीय स्तर पर गरमा गया। एबीवीपी ने आक्रोश मार्च निकाला। पुलिस ने वीडियो वायरल करने वाले मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी को पकड़ा। तीन नाबालिगों को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया।
21-22 सितंबर (सियासी घमासान): विधायक आईपी गुप्ता ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एसपी विश्वजीत दयाल को हटाने की मांग की और जदयू प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर तीखा हमला बोला। सीआईडी की कमजोर वर्ग विंग भी जांच में जुटी।
22 सितंबर (एनकाउंटर व गिरफ्तारी): कुंदर बराज के पास छिपे मुख्य आरोपित नंदन यादव ने पुलिस पर हमला किया। जवाबी फायरिंग में नंदन के पैर में गोली लगी और भागने के दौरान साथी हरेराम यादव का पैर टूटा। दोनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रशासनिक रुख: डीएम नवीन और एसपी विश्वजीत दयाल अस्पताल पहुंचे। डीएम ने आम जनता से पीड़िता की गरिमा की रक्षा करने और वीडियो शेयर न करने की सख्त अपील की। अब तक छह आरोपित पकड़े गए हैं, जिसमें दो का इलाज चल रहा है।
