किसान महापंचायत में 17 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का ऐलान

Rakesh Gupta
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स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने, एमएसपी और किसानों की जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर उठी आवाज

दीपक कुमार,खगड़िया

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पटना। किसान संघर्ष समिति के बैनर तले रविवार को आईएमए हॉल, पटना में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गांधी मैदान स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी याद किया गया।

महापंचायत की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष मंजय कुमार ने की, जबकि राष्ट्रीय प्रवक्ता किरण देव यादव ने मंच संचालन किया और कार्यक्रम की रूपरेखा रखी।

महापंचायत में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में मौजूद किसानों एवं वक्ताओं ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), सस्ती दर पर खाद-बीज एवं सिंचाई की सुविधा, किसानों के कर्ज माफी तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े प्रतिनिधियों सहित ज्यूरी टीम के सदस्यों ने किसानों के मुद्दों पर चर्चा करते हुए मांगों को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही। महापंचायत में किसानों ने 17 सूत्री मांग-पत्र भी रखा।जमीन अधिग्रहण और राजस्व व्यवस्था का मुद्दा उठामहापंचायत में बिंदेश्वरी सिंह, सुशांत कुमार, चिंटू कुमार, ग्राम विनय, नवल किशोर, सतीश प्रसाद, जर्मन यादव, विजय सिंह, अरुण सिंह, सरजू प्रसाद सिंह, राजीव कुमार, तपेश्वर प्रसाद सिंह, उदय कुमार, रामचंद्र सिंह, आशुतोष सहित बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी समस्याएं रखीं।

वक्ताओं ने किसानों की जमीन से जुड़े मामलों, भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा, राजस्व व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार तथा किसानों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा की। किसानों ने भूमि अधिग्रहण में उनकी सहमति और उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की मांग रखी।राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा मांग-पत्रमहापंचायत में न्यूनतम समर्थन मूल्य, खाद-बीज एवं सिंचाई की लागत कम करने, विभिन्न प्रकार के कृषि ऋणों की माफी, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, कृषि उपज के लाभकारी मूल्य सहित विभिन्न मांगों को शामिल किया गया।

आयोजकों ने बताया कि मांग-पत्र राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री को भेजा जाएगा। साथ ही मांगों को लेकर किसान आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा की गई।कार्यक्रम में किसानों ने “जय जवान, जय किसान”, “करो या मरो” और “इंकलाब जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए तथा किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में नवीन कुमार ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सिद्धनाथ कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर किसानों का माला पहनाकर अभिनंदन भी किया गया।

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